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डीआईओएस का रुपये मांगने का ऑडियो वायरल, मृतक आश्रित में नौकरी के लिए भटक रहा युवक
Tue, 22 Dec 2020 11:46 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 22 Dec 2020 11:46 PM IST
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मृतक आश्रित में नौकरी के लिए सात महीने से भटक रहे युवक से डीआईओएस ने रुपये की मांग की। यह आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस संबंध में डीआईओएस से बात करने के लिए फोन किया तो पहले बेल गई फिर मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया।
अमर सिंह यादव एरवाकटरा ब्लाक क्षेत्र के किसान इंटर कालेज दलीपपुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। बीमारी के चलते 2017 में उनकी किडनी बदली गई, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस पर मृतक आश्रित के रूप में उनके पुत्र सुशील कुमार ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को 23 मई 2020 को पत्रावली सौंपते हुए मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी लगाए जाने की मांग की।
लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए लेनदेन की बात पूरी न होने पर मामला किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका। मंगलवार को पीड़ित सुशील कुमार व डीआईओएस हृदय नारायन तिवारी के बीच नौकरी ज्वाइन कराने को लेकर हुई लेनदेन की बात का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ -
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सुशील कुमार - बहुत ज्यादा मांग कर देते हैं। इतनी क्षमता है नहीं। पिता जी हमारे 20 साल बीमार रहे।
डीआईओएस - कितना कर सकते हो
सुशील कुमार - जो होता है सबका, उतना कर सकते हैं
डीआईओएस - कितना बताओ, फाइनल कर दो
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अमर सिंह यादव एरवाकटरा ब्लाक क्षेत्र के किसान इंटर कालेज दलीपपुर में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। बीमारी के चलते 2017 में उनकी किडनी बदली गई, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस पर मृतक आश्रित के रूप में उनके पुत्र सुशील कुमार ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को 23 मई 2020 को पत्रावली सौंपते हुए मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी लगाए जाने की मांग की।
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लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए गए लेनदेन की बात पूरी न होने पर मामला किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका। मंगलवार को पीड़ित सुशील कुमार व डीआईओएस हृदय नारायन तिवारी के बीच नौकरी ज्वाइन कराने को लेकर हुई लेनदेन की बात का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ -
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सुशील कुमार - बहुत ज्यादा मांग कर देते हैं। इतनी क्षमता है नहीं। पिता जी हमारे 20 साल बीमार रहे।
डीआईओएस - कितना कर सकते हो
सुशील कुमार - जो होता है सबका, उतना कर सकते हैं
डीआईओएस - कितना बताओ, फाइनल कर दो
सुशील कुमार - कर देंगे 50-60 तक
डीआईओएस - ऐसा है सुन लो मेरी बात, संतोष बाबू से मिल लो, वो सब कर देंगे। बहुत अच्छे आदमी हैं। एक बात बता दें। तीन महीने से 30 त्याई 90 हजार तो यही घुस गया।
सुशील कुमार - नहीं नहीं सर, हम सर, हमारे पिता जी की किडनी ट्रांसप्लांट कराई थी। तीस 35 लाख रुपये की।
डीआईओएस - सुन लो मेरी बात, तीन महीना पहले आपका अप्वाइंटमेंट हो गया होता और उसके बाद 90 हजार आपके खाते में आ गया होता। इधर उधर भटक रहे हो, काहे भटक रहे हो। अपनी बात संतोष से कह दो।
सुशील कुमार - कह देंगे सर, आज जाएंगे, मिल लेंगे। उन्होंने कोई लिमिट में ही बात नहीं करी, कभी 10 लाख तो कभी तीन लाख कभी चार लाख।
डीआईओएस - पहले आप मिल तो लो। मेरी बात मान लो।
सुशील कुमार - ठीक है साहब आपने कहा हम मिल लेंगे।
डीआईओएस - मिल लीजिए, मिलकर अपने बात कहो, सब कर लेंगे।
सुशील कुमार - तो सर, हम आज मिल लें उनसे
डीआईओएस - कल सवेरे
सुशील कुमार - ठीक अब कल सवेरे मिल लेंगे।
डीआईओएस - मिल लो मैं आपका फाइनल करा दूंगा। सबको सुनते हैं। ऐसा कुछ नहीं।
सुशील कुमार - ठीक सर, ठीक
डीआईओएस - और ये बात किसी को बताना मत। ये हमारी और आपकी और संतोष के बीच रहेगी।
डीआईओएस - ऐसा है सुन लो मेरी बात, संतोष बाबू से मिल लो, वो सब कर देंगे। बहुत अच्छे आदमी हैं। एक बात बता दें। तीन महीने से 30 त्याई 90 हजार तो यही घुस गया।
सुशील कुमार - नहीं नहीं सर, हम सर, हमारे पिता जी की किडनी ट्रांसप्लांट कराई थी। तीस 35 लाख रुपये की।
डीआईओएस - सुन लो मेरी बात, तीन महीना पहले आपका अप्वाइंटमेंट हो गया होता और उसके बाद 90 हजार आपके खाते में आ गया होता। इधर उधर भटक रहे हो, काहे भटक रहे हो। अपनी बात संतोष से कह दो।
सुशील कुमार - कह देंगे सर, आज जाएंगे, मिल लेंगे। उन्होंने कोई लिमिट में ही बात नहीं करी, कभी 10 लाख तो कभी तीन लाख कभी चार लाख।
डीआईओएस - पहले आप मिल तो लो। मेरी बात मान लो।
सुशील कुमार - ठीक है साहब आपने कहा हम मिल लेंगे।
डीआईओएस - मिल लीजिए, मिलकर अपने बात कहो, सब कर लेंगे।
सुशील कुमार - तो सर, हम आज मिल लें उनसे
डीआईओएस - कल सवेरे
सुशील कुमार - ठीक अब कल सवेरे मिल लेंगे।
डीआईओएस - मिल लो मैं आपका फाइनल करा दूंगा। सबको सुनते हैं। ऐसा कुछ नहीं।
सुशील कुमार - ठीक सर, ठीक
डीआईओएस - और ये बात किसी को बताना मत। ये हमारी और आपकी और संतोष के बीच रहेगी।
जिलाधिकारी अभिषेक सिंह ने कहा कि अभी ऑडियो हमारे पास नहीं आया है। फिर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।