फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Assistant clerk and operator were made guilty, no action was taken against the desk clerk

Kanpur News: सहयोगी बाबू और ऑपरेटर को बना दिया दोषी, पटल बाबू पर कार्रवाई नहीं

Sat, 29 Mar 2025 01:45 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 29 Mar 2025 01:45 AM IST
विज्ञापन
Assistant clerk and operator were made guilty, no action was taken against the desk clerk
कानपुर। पंजाब के फिरोजपुर में शहीद भगत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले तीन दशमोत्तर छात्रों को छात्रवृत्ति न मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इसमें अधिकारी ने एकतरफा जांच में दो कर्मियों को दोषी बना दिया गया। शुक्रवार को मामला डीएम के पास पहुंचा तो उन्होंने जांच कमेटी गठित कर दी। तीनों छात्र कानपुर निवासी हैं और फिरोजपुर में पढ़ते हैं।
विज्ञापन

जिलाधिकारी ने दो सप्ताह पहले सीएम डैश बोर्ड की समीक्षा के दौरान समाज कल्याण विभाग की लापरवाही के कारण 697 छात्रों की छात्रवृत्ति न मिलने का मामला पकड़ा था। उन्होंने शासन में पत्राचार कर एक दिन के लिए पोर्टल खुलवा लिया था। वहीं, फिरोजपुर में पढ़ने वाले छात्रों को इसका लाभ नहीं मिल पाया था। छात्रवृत्ति के फार्म अपलोड न होने की जांच के आदेश दिए थे। जांच में पता चला था कि फिरोजपुर स्थित शहीद भगत सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले अभिषेक सिंह, सौरभ गुप्ता और श्लोक कुमार के अभिलेख ही पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए। इस कारण तीनों छात्र छात्रवृत्ति पाने से वंचित रह गए।
विज्ञापन

समाज कल्याण अधिकारी ने एक तरफा जांच कर सहयोगी बाबू सुनील कुमार और ऑपरेटर रितेश को दोषी बना दिया। पटल बाबू व अन्य सहयोगी को निर्दोष मानकर छोड़ दिया। इसके साथ ही गुपचुप तरीके से रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी के यहां भेज दी। इसकी जानकारी जब दोनों कर्मियों को हुई तो शुक्रवार को जनता दर्शन में पहुंच गए। डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी से पूछताछ की तो वह सही जवाब नहीं दे पाईं, जिसपर डीएम ने छात्रवृत्ति में बरती गई लापरवाही की जांच के लिए एसीएम तीन अविचल प्रताप सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक द्वितीय और जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी को नामित कर दिया। दो सप्ताह में मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन



समाज कल्याण अधिकारी की तरफ से गलत जांच रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत की गई थी। जिसके लिए दोनों कर्मी अपनी बात कहने आए थे। संदिग्ध रिपोर्ट लगने पर जांच बैठाई गई है। उसके बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed