{"_id":"671a8d4d5450275c980aede8","slug":"ashoka-bark-is-useful-for-womendr-nandani-gupta-etawa-news-c-216-1-etw1004-117268-2024-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं के उपयोगी है अशोक की छाल::डॉ. नंदनी गुप्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं के उपयोगी है अशोक की छाल::डॉ. नंदनी गुप्ता
Thu, 24 Oct 2024 11:39 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Thu, 24 Oct 2024 11:39 PM IST
विज्ञापन
फोटो 01::
आयुर्वेद सप्ताह के पहले दिन लोगों को दी गई हर्बल गार्डन की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। आयुर्वेद सप्ताह के तत्वावधान में 29 अक्तूबर को विश्व के 150 देशों में एक साथ आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा। जिसमें पूरे सप्ताह विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
जिला स्तर पर सभी चिकित्सालय, कार्यालयों, विद्यालयों एवं जन भागीदारी के साथ सभी ग्राम पंचायतों में भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा। गुरुवार को इस सप्ताह की शुरूआत की गई।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी लोग अपनी रसोई से लेकर, कर्म स्थान, खेत-खलिहान में आयुर्वेद को आहार-विहार, दिनचर्या के रूप में अपनाने का प्रयास करें। क्रियाकलापों की सेल्फी खींच कर www.ayurvedaday.in पर अपलोड कर सकते है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सभी आयुर्वेद चिकित्सालयों में पहले दिन हर्बल गार्डन के लाभ के बारे में जानकारी दी गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी नगला रामसुंदर की डॉ. नंदनी गुप्ता ने अशोक की छाल को महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी बताया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के प्रभारी डॉ. संतोष कुमार ने वात रोग के बारे में जानकारी दी।
डॉ. कल्पना राठौर ने बताया कि हरीतिकी सभी ऋतुओं में अलग-अलग प्रकार से सेवन करने से अलग-अलग प्रकार से लाभकारी होती हैं। प्रभारी डॉ. कमल कुमार कुशवाहा ने अमरंथ की महत्ता के बारे में जानकारी दी। आयुर्वेद चिकित्सालय सैफई के डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने औषधीय प्रदर्शनी का आयोजन किया।
डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने महेवा में कहा कि आयुर्वेद की शुरुआत रसोई से करनी चाहिए। राष्ट्रीय आयुष मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम वैश्विक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद नवाचार है। इस का उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए जैसे संचारी रोग, विषाणु जनित रोग, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण संबंधी विकार आदि रोगों की रोकथाम एवं स्वास्थ्य संवर्धन पर ध्यान केंद्रित कर आयुर्वेद एवम समकालीन, प्राचीन एवं अर्वाचीन वैज्ञानिकों के बीच नवाचार को प्रोत्साहन करना है।
आयुर्वेद में अशोक के छाल के फायदे
अशोक के पेड़ की छाल का खासतौर पर कई औषधियों में उपयोग किया जाता है। महिलाओं की कई सेहत से संबंधित समस्याओं को ठीक करने में इसका उपयोग किया जा सकता है। अशोक छाल का उपयोग बवासीर, हड्डियों की समस्या, पेट की समस्या में भी काफी उपयोगी है। इसके अलावा मासिक के दौरान, व्हाइट डिस्चार्ज जैसी समस्याओं का भी इससे इलाज किया जाता है। इसके अलावा त्वचा में निखार भी आता है। इसका उपयोग करने के लिए छाल को पानी में उबालें और चाय की तरह पी लें। ध्यान रखें कि पानी को तब तक उबालते रहें जब तक कि पानी आधा न हो जाए।
विज्ञापन
आयुर्वेद सप्ताह के पहले दिन लोगों को दी गई हर्बल गार्डन की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। आयुर्वेद सप्ताह के तत्वावधान में 29 अक्तूबर को विश्व के 150 देशों में एक साथ आयुर्वेद दिवस मनाया जाएगा। जिसमें पूरे सप्ताह विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
जिला स्तर पर सभी चिकित्सालय, कार्यालयों, विद्यालयों एवं जन भागीदारी के साथ सभी ग्राम पंचायतों में भी बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन होगा। गुरुवार को इस सप्ताह की शुरूआत की गई।
विज्ञापन
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी लोग अपनी रसोई से लेकर, कर्म स्थान, खेत-खलिहान में आयुर्वेद को आहार-विहार, दिनचर्या के रूप में अपनाने का प्रयास करें। क्रियाकलापों की सेल्फी खींच कर www.ayurvedaday.in पर अपलोड कर सकते है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सभी आयुर्वेद चिकित्सालयों में पहले दिन हर्बल गार्डन के लाभ के बारे में जानकारी दी गई। प्रभारी चिकित्साधिकारी नगला रामसुंदर की डॉ. नंदनी गुप्ता ने अशोक की छाल को महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी बताया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर के प्रभारी डॉ. संतोष कुमार ने वात रोग के बारे में जानकारी दी।
डॉ. कल्पना राठौर ने बताया कि हरीतिकी सभी ऋतुओं में अलग-अलग प्रकार से सेवन करने से अलग-अलग प्रकार से लाभकारी होती हैं। प्रभारी डॉ. कमल कुमार कुशवाहा ने अमरंथ की महत्ता के बारे में जानकारी दी। आयुर्वेद चिकित्सालय सैफई के डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने औषधीय प्रदर्शनी का आयोजन किया।
डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने महेवा में कहा कि आयुर्वेद की शुरुआत रसोई से करनी चाहिए। राष्ट्रीय आयुष मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नरेंद्र कुशवाहा ने बताया कि इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम वैश्विक स्वास्थ्य के लिए आयुर्वेद नवाचार है। इस का उद्देश्य वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए जैसे संचारी रोग, विषाणु जनित रोग, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण संबंधी विकार आदि रोगों की रोकथाम एवं स्वास्थ्य संवर्धन पर ध्यान केंद्रित कर आयुर्वेद एवम समकालीन, प्राचीन एवं अर्वाचीन वैज्ञानिकों के बीच नवाचार को प्रोत्साहन करना है।
आयुर्वेद में अशोक के छाल के फायदे
अशोक के पेड़ की छाल का खासतौर पर कई औषधियों में उपयोग किया जाता है। महिलाओं की कई सेहत से संबंधित समस्याओं को ठीक करने में इसका उपयोग किया जा सकता है। अशोक छाल का उपयोग बवासीर, हड्डियों की समस्या, पेट की समस्या में भी काफी उपयोगी है। इसके अलावा मासिक के दौरान, व्हाइट डिस्चार्ज जैसी समस्याओं का भी इससे इलाज किया जाता है। इसके अलावा त्वचा में निखार भी आता है। इसका उपयोग करने के लिए छाल को पानी में उबालें और चाय की तरह पी लें। ध्यान रखें कि पानी को तब तक उबालते रहें जब तक कि पानी आधा न हो जाए।