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कानपुर: यूपीसीडा के प्रधान महाप्रबंधक अरुण मिश्रा को नहीं मिली जमानत, भ्रष्टाचार के मामले में छह माह से जेल में बंद
Tue, 13 Apr 2021 11:03 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 13 Apr 2021 11:03 AM IST
सार
- सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की एसएलपी
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कानपुर में पीडब्ल्यूडी की सड़क को यूपीसीडा की बताकर फर्जी तरीके से 2.11 करोड़ रुपये का भुगतान कराने के मामले में गिरफ्तार प्रधान महाप्रबंधक अरुण मिश्रा को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अरुण मिश्रा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अरुण 26 अक्तूबर 2020 से जेल में हैं। चकेरी औद्योगिक क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी द्वारा वर्ष-2009 में बनाई गई 1940 मीटर की सड़क को यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की बताकर प्रधान महाप्रबंधक अरुण मिश्रा ने 2.11 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया था।
इस मामले में चकेरी थाने में धोखाधड़ी व सरकारी धन के दुरुपयोग आदि गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद अरुण मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) दाखिल करते हुए जमानत की मांग की थी, जो खारिज हो गई है।
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अरुण 26 अक्तूबर 2020 से जेल में हैं। चकेरी औद्योगिक क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी द्वारा वर्ष-2009 में बनाई गई 1940 मीटर की सड़क को यूपीसीडा (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण) की बताकर प्रधान महाप्रबंधक अरुण मिश्रा ने 2.11 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया था।
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इस मामले में चकेरी थाने में धोखाधड़ी व सरकारी धन के दुरुपयोग आदि गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट और हाईकोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद अरुण मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) दाखिल करते हुए जमानत की मांग की थी, जो खारिज हो गई है।
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