{"_id":"5c2467d7bdec22570860b1c8","slug":"army-will-use-sharang-guns","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"माइनस 3 से 52 डिग्री तापमान में भी दुश्मनों को ध्वस्त करने में सक्षम धनुष तोप सेना में होगी शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माइनस 3 से 52 डिग्री तापमान में भी दुश्मनों को ध्वस्त करने में सक्षम धनुष तोप सेना में होगी शामिल
Thu, 27 Dec 2018 11:28 AM IST
शिखा पांडेय
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 27 Dec 2018 11:28 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माइनस तीन डिग्री से 52 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर दुश्मनों को ध्वस्त करने में सक्षम धनुष तोप जल्द सेना में शामिल की जाएगी। इसकी तैयारी तेज कर दी गई है। अगले साल फरवरी में दिल्ली में होने वाले एक समारोह में इसे सेना को सौंपा जाएगा। संभावना है कि देश के प्रधानमंत्री मेक इन इंडिया के तहत विकसित की गई इस तोप को सेना को सौपेंगे। इसी दौरान शारंग तोप भी सेना को दी जाएगी। धनुष और शारंग तोप का वृहद स्तर पर निर्माण आयुध निर्माणी कानपुर और फील्ड गन में किया जाएगा। धनुष तोप, स्वीडिश तोप बोफोर्स का स्वदेशी संस्करण है।
इसमें लगे 95 फीसदी कलपुर्जे स्वदेशी हैं। सेना की ओर से हर मौसम के अनुसार इसके सभी परीक्षण किए जा चुके हैं। इसमें यह तोप खरी उतर चुकी है। सूत्रों ने बताया कि सेना के हर मानक को पूरी करने वाली धनुष तोप को जल्द ही सेना में शामिल कर लिया जाएगा।
यह तोप देश की सरहद वाले क्षेत्रों में उपयोग में लाई जाएंगी। फील्ड गन के महाप्रबंधक शैलेंद्र नाथ ने बताया कि धनुष और शारंग तोपें सेना में जल्द शामिल होंगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। अगले साल आयोजित होने वाले समारोह में प्रधानमंत्री के भी आने की भी संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसमें लगे 95 फीसदी कलपुर्जे स्वदेशी हैं। सेना की ओर से हर मौसम के अनुसार इसके सभी परीक्षण किए जा चुके हैं। इसमें यह तोप खरी उतर चुकी है। सूत्रों ने बताया कि सेना के हर मानक को पूरी करने वाली धनुष तोप को जल्द ही सेना में शामिल कर लिया जाएगा।
विज्ञापन
यह तोप देश की सरहद वाले क्षेत्रों में उपयोग में लाई जाएंगी। फील्ड गन के महाप्रबंधक शैलेंद्र नाथ ने बताया कि धनुष और शारंग तोपें सेना में जल्द शामिल होंगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। अगले साल आयोजित होने वाले समारोह में प्रधानमंत्री के भी आने की भी संभावना है।
विज्ञापन
डेमो पिक
धनुष एक नजर
- बैरल का वजन 2692 किलो
- बैरल की लंबाई आठ मीटर
- रेंज 42-45 किलोमीटर
- दो फायर प्रति मिनट में
- लगातार दो घंटे तक फायर करने में सक्षम
- फिट होने वाले गोले का वजन 46.5 किलो
- बैरल का वजन 2692 किलो
- बैरल की लंबाई आठ मीटर
- रेंज 42-45 किलोमीटर
- दो फायर प्रति मिनट में
- लगातार दो घंटे तक फायर करने में सक्षम
- फिट होने वाले गोले का वजन 46.5 किलो
डेमो पिक
शारंग भी सेना को देगी ताकत
आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) में विकसित शारंग तोप भी सेना को जबरदस्त ताकत देगी। शारंग इस्रायली तोप सोल्टम का आधुनिक संस्करण है। पहले इसकी कैलिबर 135 एमएम थी। इसे अब 155 एमएम बनाया जा चुका है। मार्च 2018 में हुए कई परीक्षणों में इस तोप ने भारत फोर्ज और पुंज ल्यावड की तोपों को पछाड़ कर ओपेन बिड में सेना से आर्डर हासिल किया था। तोप निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय और आयुध निर्माणी बोर्ड के बीच 25 अक्तूबर को समझौता भी हो चुका है। इस तोप की मारक क्षमता 36 किलोमीटर है। तोप टारगेट को बेहद सटीकता के साथ ध्वस्त करती है। इसके अलावा तोप की निरंतरता (गोले दागने की क्षमता) जबरदस्त है। इस तोप से पहाड़ों में छिपे दुश्मनों को तबाह करने की विशेष क्षमता है। इसको 70 डिग्री तक मूव किया जा सकता है। 2022 तक तीन सौ शारंग तोपों का निर्माण कर सेना को दिया जाना है। पहले चरण में 30 दूसरे चरण में 70 और अगले चरण में 100-100 तोपों का निर्माण किया जाना है।
आयुध निर्माणी कानपुर (ओएफसी) में विकसित शारंग तोप भी सेना को जबरदस्त ताकत देगी। शारंग इस्रायली तोप सोल्टम का आधुनिक संस्करण है। पहले इसकी कैलिबर 135 एमएम थी। इसे अब 155 एमएम बनाया जा चुका है। मार्च 2018 में हुए कई परीक्षणों में इस तोप ने भारत फोर्ज और पुंज ल्यावड की तोपों को पछाड़ कर ओपेन बिड में सेना से आर्डर हासिल किया था। तोप निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय और आयुध निर्माणी बोर्ड के बीच 25 अक्तूबर को समझौता भी हो चुका है। इस तोप की मारक क्षमता 36 किलोमीटर है। तोप टारगेट को बेहद सटीकता के साथ ध्वस्त करती है। इसके अलावा तोप की निरंतरता (गोले दागने की क्षमता) जबरदस्त है। इस तोप से पहाड़ों में छिपे दुश्मनों को तबाह करने की विशेष क्षमता है। इसको 70 डिग्री तक मूव किया जा सकता है। 2022 तक तीन सौ शारंग तोपों का निर्माण कर सेना को दिया जाना है। पहले चरण में 30 दूसरे चरण में 70 और अगले चरण में 100-100 तोपों का निर्माण किया जाना है।
डेमो पिक
तोप की खासियत
वजन 8 टन
लंबाई 11 मीटर
चौड़ाई 2.45 मीटर
ऊंचाई 2.55 मीटर
कैलिबर 155 मिलीमीटर
कैरिज स्प्लिट ट्रेल
मारक क्षमता 36 किलोमीटर तक
वजन 8 टन
लंबाई 11 मीटर
चौड़ाई 2.45 मीटर
ऊंचाई 2.55 मीटर
कैलिबर 155 मिलीमीटर
कैरिज स्प्लिट ट्रेल
मारक क्षमता 36 किलोमीटर तक