{"_id":"5dc18c3d8ebc3e5b261233d0","slug":"apna-dal-leader-s-son-hanged-himself","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अपना दल के नेता का बेटे फांसी पर झूला, पत्नी व बच्चों ने अपमानित करके भगाया था, पिता ने कही ये बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपना दल के नेता का बेटे फांसी पर झूला, पत्नी व बच्चों ने अपमानित करके भगाया था, पिता ने कही ये बात
Tue, 05 Nov 2019 08:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 05 Nov 2019 08:22 PM IST
विज्ञापन
यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इटावा में अपना दल के नेता व सेवानिवृत्त ग्राम विकास अधिकारी बेचे सिंह पाल के अधेड़ उम्र के पुत्र ने मंगलवार तड़के फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पत्नी व बच्चों से अनबन चल रही थी। तीन सालों से वह पिता के पास रह रहा था।
पिता ने बताया कि अवसादग्रस्त होने की वजह से बेटे ने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। कोतवाली क्षेत्र के घटिया अजमत अली मोहल्ला निवासी करीब 78 वर्षीय बेचे सिंह पाल मंगलवार सुबह टहलने के लिए घर से निकले।
विज्ञापन
पिता ने बताया कि अवसादग्रस्त होने की वजह से बेटे ने आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। कोतवाली क्षेत्र के घटिया अजमत अली मोहल्ला निवासी करीब 78 वर्षीय बेचे सिंह पाल मंगलवार सुबह टहलने के लिए घर से निकले।
विज्ञापन
घर के बाहर बने एक कमरे में करीब तीन साल से अकेले रह रहे उनके 50 वर्षीय पुत्र अरुण सिंह पाल का शव फांसी के फंदे पर झूलते देखा। इस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आकर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पिता बेचे सिंह पाल ने बताया कि बेटा अरुण अपने बच्चों से परेशान था। कई सालों से मानसिक तनाव में जी रहा था। शहर के ही मोहल्ला जालिम अड्डा में रह रहे पत्नी व बच्चों ने उसे अपमानित करके घर से भगा दिया था। काफी दिनों तक उसने भीख मांगकर भी गुजारा किया।
करीब तीन साल से वह उनके पास रह रहा था। मानसिक रूप से त्रस्त बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर मृतक का बेटा स्पर्श तो मौके पर आया, लेकिन पत्नी व बेटी नहीं आई। पिता बेचे सिंह पाल की छह संतानों में अरुण तीसरे नंबर का था। अरुण के पुत्र व पुत्री अभी अविवाहित हैं। अरुण के एक भाई की ट्रेन से कटकर मृत्यु हो चुकी है। दो बड़े भाई दांतों के डॉक्टर हैं और बाहर रहते हैं।
पिता बेचे सिंह पाल ने बताया कि बेटा अरुण अपने बच्चों से परेशान था। कई सालों से मानसिक तनाव में जी रहा था। शहर के ही मोहल्ला जालिम अड्डा में रह रहे पत्नी व बच्चों ने उसे अपमानित करके घर से भगा दिया था। काफी दिनों तक उसने भीख मांगकर भी गुजारा किया।
करीब तीन साल से वह उनके पास रह रहा था। मानसिक रूप से त्रस्त बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर मृतक का बेटा स्पर्श तो मौके पर आया, लेकिन पत्नी व बेटी नहीं आई। पिता बेचे सिंह पाल की छह संतानों में अरुण तीसरे नंबर का था। अरुण के पुत्र व पुत्री अभी अविवाहित हैं। अरुण के एक भाई की ट्रेन से कटकर मृत्यु हो चुकी है। दो बड़े भाई दांतों के डॉक्टर हैं और बाहर रहते हैं।