अखिलेश यादव की सपा सरकार में अपर्णा यादव की एनजीओ को 86 फीसदी मिले अनुदान की चर्चाओं ने यूपी की राजनीति में हलचल मचा दी है। आखिर अपर्णा यादव अब खुलकर सामने आई हैं। उन्होंने बयान दिया है कि ‘इसमें गलत क्या है, मेरे नजर में ये गलत नहीं है।’
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जेठ अखिलेश यादव की मेहरबानी पर बहू अपर्णा का बयान,‘इसमें गलत क्या है’
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 04 Jul 2017 08:46 AM IST
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अखिलेश और अपर्णा यादव
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अपर्णा यादव
अपर्णा ने न्यूज एजेंसी को बयान दिया कि उनकी एनजीओ को जो पैसा भी मिला वो अच्छे काम के लिए लगाया गया था। आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पत्नी आरटीआई ऐक्टिविस्ट नूतन ठाकुर के अनुसार, समाजवादी सरकार के शासन काल में 80 प्रतिशत से अधिक का आर्थिक अनुदान एक विशेष एनजीओ को दिया गया।
So what is wrong in it? If some org is doing good work for welfare of animals then why should it not be held financially?: Aparna Yadav pic.twitter.com/HSNn5Qmrnl
— ANI UP (@ANINewsUP) July 3, 2017
अपर्णा यादव
समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू और प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव को उनके जेठ (अखिलेश यादव) के मुख्यमंत्री के काल में बंपर लाभ मिला। यह बड़े पैमाने पर हुए राजनीतिक पक्षपात और भाई-भतीजावाद का उदाहरण ही है। समाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने यह आरटीआई दाखिल की थी। उनकी आरटीआई पर यूपी गौ सेवा आयोग ने जवाब दिया है कि साल 2012 से 2017 तक कुल 9.66 करोड़ रुपये में 8.35 करोड़ रुपये अपर्णा यादव के एनजीओ जीव आश्रय को दिया है।
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अपर्णा यादव
आयोग के अधिकारी संजय यादव का कहना है कि जीव आश्रय ने 2012-13 के वित्तीय वर्ष में 49.89 लाख, 2013-14 में 1.25 करोड़ और 2014-15 में 1.41 करोड़ रुपये दिए गए हैं।