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अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्सः कोई हाथ पकड़े तो दूसरे हाथ व पैर से करें बचाव
Fri, 18 Jan 2019 01:16 PM IST
gaurav gaurav
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: gaurav gaurav
Updated Fri, 18 Jan 2019 01:16 PM IST
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कानपुर अगर कोई गुंडा आपके सामने आ जाए तो घबराएं नहीं। मन शांत कर खुद को बचाने की तरकीब सोचें। अगर कोई हाथ पकड़े तो दूसरे हाथ और पैर का इस्तेमाल कर उसे जमीन पर पटक दें। आपको अपनी ताकत पहचाननी है। ये टिप्स अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत इंदिरा नगर स्थित एसजीएम इंटरनेशनल स्कूल में कानपुर कराटे एकेडमी के सचिव सभाजीत वर्मा और कराटे एसोसिएशन के सचिव सुनीत कुमार शुक्ला ने छात्राओं को दिए।
उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा सिखाने के साथ मानसिक रूप से मजबूत होने की सीख दी। सभाजीत वर्मा ने छात्राओं को किक, पंच और ब्लॉक थ्रो सिखाया। उन्होंने कहा कि कहा कि आप जैसा आहार लेते हैं वैसा ही दिमाग काम करता है। अपनी ऊर्जा को एक जगह पर फोकस करें। आपको हर मुश्किल का हल मिल जाएगा। एक हाथ और दो हाथ की दूरी से भी प्रहार किया जा सकता है। उन्होंने सिखाया कि अगर कोई बाल पकड़ ले तो कैसे बचाव करें। कार्यक्रम को सफल बनाने में एसजीएम स्कूल के प्रबंधक अजीत अग्रवाल, प्रधानाचार्य संदीप कुमार पाठक, उमा निगम, बीना पांडेय, सोनाली शर्मा, अनुराधा मिश्रा, मुनींद कुशवाहा, शिवम सिंह, शिवम राजपूत, आशीष गौतम और सूरज मौजूद थे।
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उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा सिखाने के साथ मानसिक रूप से मजबूत होने की सीख दी। सभाजीत वर्मा ने छात्राओं को किक, पंच और ब्लॉक थ्रो सिखाया। उन्होंने कहा कि कहा कि आप जैसा आहार लेते हैं वैसा ही दिमाग काम करता है। अपनी ऊर्जा को एक जगह पर फोकस करें। आपको हर मुश्किल का हल मिल जाएगा। एक हाथ और दो हाथ की दूरी से भी प्रहार किया जा सकता है। उन्होंने सिखाया कि अगर कोई बाल पकड़ ले तो कैसे बचाव करें। कार्यक्रम को सफल बनाने में एसजीएम स्कूल के प्रबंधक अजीत अग्रवाल, प्रधानाचार्य संदीप कुमार पाठक, उमा निगम, बीना पांडेय, सोनाली शर्मा, अनुराधा मिश्रा, मुनींद कुशवाहा, शिवम सिंह, शिवम राजपूत, आशीष गौतम और सूरज मौजूद थे।
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खुद की सुरक्षा व आत्मबल को मजबूत करने के लिए कराटे सीखना बहुत जरूरी है। इससे आपका शरीर स्वस्थ भी रहता है और आप खुद को सुरक्षित भी कर सकती हैं। - तान्या, छात्रा, हाईस्कूल
मुझे कराटे का शौक हैं। जब भी कॉलेज की तरफ से ऐसे कैंप लगते हैं तो मैं उसमें हिस्सा जरूर लेतीं हूं। मैं बीते एक वर्ष से लगातार कराटे का अभ्यास कर रही हूं। - वृंदा मिश्रा, छात्रा, हाईस्कूल
आज के समय में लड़कियों को खुद अपनी सुरक्षा करनी चाहिए। सुरक्षा की दृष्टि से कराटे व जूडो की ट्रेनिंग हर लड़की को लेना चाहिए। पिछले एक साल से मैं इसकी ट्रेनिंग ले रही हूं। - अनुष्का, छात्रा, कक्षा नौ
पहली बार स्कूल के कराटे कैंप में हिस्सा लिया था। तब से मैं हर बार कराटे प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती हूं। प्रतिदिन स्कूल में प्रशिक्षक से कराटे की ट्रेनिंग भी लेती हूं। - शांभवी द्विवेदी, छात्रा, कक्षा नौ
मुझे कराटे का शौक हैं। जब भी कॉलेज की तरफ से ऐसे कैंप लगते हैं तो मैं उसमें हिस्सा जरूर लेतीं हूं। मैं बीते एक वर्ष से लगातार कराटे का अभ्यास कर रही हूं। - वृंदा मिश्रा, छात्रा, हाईस्कूल
आज के समय में लड़कियों को खुद अपनी सुरक्षा करनी चाहिए। सुरक्षा की दृष्टि से कराटे व जूडो की ट्रेनिंग हर लड़की को लेना चाहिए। पिछले एक साल से मैं इसकी ट्रेनिंग ले रही हूं। - अनुष्का, छात्रा, कक्षा नौ
पहली बार स्कूल के कराटे कैंप में हिस्सा लिया था। तब से मैं हर बार कराटे प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती हूं। प्रतिदिन स्कूल में प्रशिक्षक से कराटे की ट्रेनिंग भी लेती हूं। - शांभवी द्विवेदी, छात्रा, कक्षा नौ