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Kanpur News: रंगदारी व बंधक बनाने के मामले में अनुपम दुबे की जमानत अर्जी खारिज

Fri, 09 Jan 2026 12:49 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jan 2026 12:49 AM IST
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Anupam Dubey's bail plea rejected in extortion and hostage taking case
फर्रुखाबाद। विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) एवं तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने कोतवाली फर्रुखाबाद में दर्ज रंगदारी, बंधक बनाने व धमकी देने के मामले में आरोपी अनुपम दुबे की जमानत अर्जी खारिज कर दी। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता, आरोपी के आपराधिक इतिहास और साक्ष्यों को देखते हुए यह आदेश पारित किया।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गंगानगर निवासी कृष्ण स्वरूप मिश्रा ने 20 अगस्त 2022 को अनुपम दुबे, उसके भाई अभिषेक दुबे, अनुराग दुबे उर्फ डब्बन, कृष्ण राजीव मिश्रा उर्फ मनकू मिश्रा, ब्रजकिशोर दुबे उर्फ बड़े भइया, चकबंदी लेखपाल दीपक शर्मा सहित एक अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई। इसमें कहा कि 11 जुलाई की रात एक बजे अनुपम दुबे के सहयोगी कृष्ण राजीव मिश्रा, भाई अनुराग दुबे और ब्रजकिशोर दुबे साथियों के साथ राइफल लेकर पहुंचे। उसके प्लाॅट का फर्जी बैनामा दिखाते हुए कहा कि यह प्लाॅट अभिषेक दुबे के नाम करा लिया है। इसका मोह छोड़ दो। जेल से अनुपम दुबे ने आदेश दिया है कि पांच लाख रुपये देने पर ही वह लोग प्लाॅट से कब्जा छोड़ेंगे।
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आरोप लगाया कि उसे बंधक बनाकर धमकाया गया। पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई। कूटरचित बैनामे के जरिए जमीन हड़पने का प्रयास किया। अनुपम दुबे के अधिवक्ता ने मामले को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए जमानत देने की बात कही। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी क्षेत्र का बड़ा अपराधी है। उसके विरुद्ध कई मुकदमों में आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं। दो मामलों में उसे हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा भी मिल चुकी है। यदि जमानत दी जाती है तो गवाहों को डराने-धमकाने की प्रबल आशंका है।
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दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर व केस डायरी का अवलोकन कर न्यायालय ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। बताते चलें कि अनुपम दुबे उत्तर प्रदेश पुलिस की मोस्टवांडेट माफिया की सूची में शामिल है। वह दो अलग-अलग हत्याओं के मामलों में मथुरा जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
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