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सिख विरोधी दंगा: एसआईटी की जांच में चौंकाने वाले खुलासे, बसों से आए दंगाइयों ने किया था नरसंहार, कई नामचीन जाएंगे जेल 

Thu, 16 Jun 2022 07:15 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Thu, 16 Jun 2022 07:15 AM IST
सार

कानपुर शहर में हुए सिख विरोधी दंगों को लेकर एसआईटी की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार किए गए दो आरोपी बस चलाकर लाए थे, जिनसे दंगाई आए। यही, कई घटनाओं में शामिल रहे और डकैती डालकर हत्याएं की थीं। 

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Anti-Sikh riots, Shocking revelations in the investigation of SIT, rioters who came by buses had committed massacre
सिख दंगा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कानपुर सिख विरोधी दंगों में दिवंगत राज्यमंत्री का भतीजा राघवेंद्र कुशवाहा दंगाइयों की भीड़ का नेतृत्व कर रहा था। वह घाटमपुर से बसों में भकर दंगाइयों को लेकर पहुंचा था। उसके बाद इस उन्मादी भीड़ ने नरसंहार किया था। यही नहीं एसआईटी की विवेचना में जो आरोपी बेनकाब हुए हैं। उसमें कई पूर्व पार्षद, अधिवक्ता, कांग्रेसी नेता, सेल टैक्स अफसर समेत कई नामचीन लोग शामिल हैं। इन सभी का सत्यापन हो चुका है। कभी भी एसआईटी इनकी गिरफ्तारी कर सकती है। 

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एसआईटी के मुताबिक राघवेंद्र का ट्रांसपोर्ट का कारोबार था। आरोपी अब्दुल रहमान बस का ड्राइवर और सैफुल्ला कंडक्टर था। जब दंगा भड़का था, तो राघवेंद्र कई बसों में लोगों को लेकर घाटमपुर से शहर पहुंचा था। इसके बाद हिंसा शुरू हुई थी। दर्जनों घरों में डाका डाला था। कई घर आग के हवाले कर दिए थे। चूंकि उस वक्त राघवेंद्र चाचा शिवनाथ सिंह सत्ताधिकारी दल के नेता था, लिहाजा पुलिस की जांच में मामला रफादफा हो गया था। यही वजह है कि आखिर में पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा केस बंद कर दिया था।

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राघवेंद्र के ऐसे संपर्क में आए थे दो आरोपी
एसआईटी के मुताबिक आरोपी योगेंद्र सिंह व विजय नारायण सिंह राघवेंद्र के बेहद करीबी थी। दोनों उनके ही शागिर्द बने हुए थे। दरअसल विजय नारायण के भाई व योगेंद्र के पिता की उस दौरान हत्या कर दी गई थी। तब वह राघवेंद्र के संपर्क में आए थे। क्योंकि राघवेंद्र हर तरह से सक्षम था। इसलिए दोनों को उम्मीद थी किं वह उनके साथ रहकर पिता व भाई की हत्या का बदला लेगा। दोनों राघवेंद्र के इशारे पर काम करते थे। 

पूर्व मंत्री के भतीजे समेत कई बड़ी हस्तियां थीं शामिल
दंगो में राघवेंद्र के अलावा दक्षिण के कई तत्कालीन पार्षद, अधिवक्ता, एक डीजीसी, एक सेल टैक्स अफसर के अलावा नेता शामिल थे। एसआईटी की आरोपियों की सूची में इन सभी का नाम है। साक्ष्य भी जुटा लिए हैं। एक एक कर इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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