सिख विरोधी दंगा: तिहरे हत्याकांड का एक आरोपी गाजियाबाद से गिरफ्तार, तीन सिखों को उतारा था मौत के घाट
सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही एसआईटी ने एक आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। एसआईटी अब तक कुल 43 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
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सिख विरोधी दंगों की जांच कर रही एसआईटी ने तिहरे हत्याकांड के एक आरोपी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। मंगलवार को एसआईटी ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेजा गया। एसआईटी अब तक कुल 43 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। 31 अक्तूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी।
जिसके बाद सिख विरोधी दंगे भड़के थे। शहर में 127 सिखों की हत्या हुई थी। चार साल पहले शासन ने हत्याकांड के केसों की विवेचना के लिए एसआईटी गठित की थी। तब से एसआईटी तफ्तीश कर रही है। डीआईजी बालेंदु भूषण सिंह ने बताया कि निरालानगर में सरदार रक्षपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह और सतवीर सिंह की हत्या कर शव जलाए गए थे।
इनके घरों में डकैती डाली गई थी। विवेचना में सामने आया कि घाटमपुर में रहने वाला अनवार अहमद हत्याकांड में शामिल था। जो वर्तमान में गाजियाबाद में रह रहा था। साक्ष्य जुटाने के बाद एसआईटी ने सोमवार को गिरफ्तार किया था। मंगलवार को वह जेल भेजा गया।
वारदात के बाद छोड़ा था शहर, पुलिस लाइन में रहता था
अनवार की पत्नी पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर हैं। वर्तमान में वह झांसी में तैनात हैं। एसआईटी के मुताबिक दंगों के बाद अनवार ने शहर छोड़ दिया था। वह अपनी पत्नी के साथ रहता था। जहां पर उनकी तैनाती होती थी, उसी शहर में वह भी डेरा जमा देता था। अलग-अगल पुलिस लाइन में भी वह रहा। कुछ समय पहले तक वह झांसी पुलिस लाइन में पत्नी के साथ रह रहा था। जब उसको जानकारी हुई कि केस में उसका नाम सामने आया है तो वह इंजीनियर बेटे के साथ गाजियाबाद के एक अपार्टमेंट में रहने लगा था। वर्षों पहले वह ट्रांसपोर्ट का काम करता था। बाद में काम छोड़ दिया था।