सिख विरोधी दंगा: पूर्व राज्यमंत्री का भतीजा कई वारदातों में था शामिल, एसआईटी को मिले शपथ पत्रों से हुआ खुलासा
सिख विरोधी दंगों के दौराल कई वारदातों में राघवेंद्र सिंह कुशवाहा शामिल था। उसका नाम किदवई नगर ओ ब्लॉक में हुए हत्याकांड में भी सामने आया था। साथ ही, कई गवाहों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी राघवेंद्र सिंह का नाम लिया था।
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1984 में निराला नगर में हुए तिहरे हत्याकांड के अलावा शहर में हुई कई अन्य वारदात में पूर्व राज्यमंत्री दिवंगत शिवनाथ सिंह का भतीजा राघवेंद्र सिंह कुशवाहा शामिल था। एसआईटी को इस संबंध में कई तथ्य मिले हैं। एक मामले में उसके खिलाफ चार्जशीट भी लगी थी, हालांकि यह केस भी कुछ दिन बाद बंद हो गया था। एसआईटी राघवेंद्र को दंगे के कई और केसों में आरोपी बनाने की तैयारी में है।
सिख विरोधी दंगे के दौरान निराला नगर में रक्षपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह और सतवीर सिंह उर्फ काले की भीड़ ने हत्या कर दी थी। इसी केस में एसआईटी ने बुधवार को चार आरोपियों को जेल भेजा था। केस का मुख्य आरोपी घाटमपुर निवासी राघवेंद्र सिंह कुशवाहा कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गया। एसआईटी के सूत्रों के मुताबिक किदवई नगर ओ ब्लॉक में भी एक हत्याकांड को दंगाइयों ने अंजाम दिया था। इसमें चार्जशीट भी दाखिल हुई थी, लेकिन गवाहों, साक्ष्यों की कमी व पैरवी की कमी की वजह से केस छूट गया था।
आरोपी बच गए थे। जांच के दौरान रंगनाथ मिश्रा आयोग से 137 शपथ पत्र एसआईटी ने जुटाए थे। एक शपथ पत्र में इस केस के साथ राघवेंद्र का नाम जुड़ा पाया गया। इसी तरह से अन्य केसों के कई गवाहों व प्रत्यक्षदर्शियों ने भी राघवेंद्र सिंह का नाम लिया है। दंगों के दौरान वह कई घटनास्थल पर मौजूद था। भीड़ का नेतृत्व वही कर रहा था। चाचा मंत्री होने के नाते पुलिस उसे बचाती रही थी। एसआईटी उसकी धरपकड़ की कवायद में लगी है।
राघवेंद्र सिंह का नाम कई घटनाओं में सामने आया है। तफ्तीश कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जिन मामलों में उसकी भूमिका मिलेगी आरोपी बनाया जाएगा। -बालेंदु भूषण सिंह, डीआईजी, एसआईटी