{"_id":"608d1ae09855bb60726c7eb2","slug":"anti-sikh-riot-charge-sheet-prepared-in-a-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिख विरोधी दंगे के एक केस में चार्जशीट तैयार, पुलिस ने जालंधर-दिल्ली में ढूंढे थे परिजन और चश्मदीद गवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिख विरोधी दंगे के एक केस में चार्जशीट तैयार, पुलिस ने जालंधर-दिल्ली में ढूंढे थे परिजन और चश्मदीद गवाह
Sat, 01 May 2021 02:39 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 01 May 2021 02:39 PM IST
सार
सिख विरोधी दंगे के दौरान शहर में 127 सिखों की हत्या हुई थी। हत्या व डकैती के 40 मामले विभिन्न थानों में दर्ज हुए थे। उस दौरान पुलिस ने 11 केस में चार्जशीट और बाकी 29 मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगाई थी।
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सिख विरोधी दंगा
- फोटो : गूगल
विस्तार
सिख विरोधी दंगे के दौरान दर्ज मुकदमों में से किदवईनगर के एक मामले में एसआइटी ने चार्जशीट तैयार कर ली है। सुबूतों व गवाहों के आधार पर इसमें 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट पर विधि विशेषज्ञों की राय मांगी जा रही है। इसके बाद इसी माह चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी।
सिख विरोधी दंगे के दौरान शहर में 127 सिखों की हत्या हुई थी। हत्या व डकैती के 40 मामले विभिन्न थानों में दर्ज हुए थे। उस दौरान पुलिस ने 11 केस में चार्जशीट और बाकी 29 मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगाई थी। फाइनल रिपोर्ट वाले मुकदमों की ही एसआइटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) दोबारा जांच कर रही है।
करीब दो साल की विवेचना के बाद एसआइटी ने नौबस्ता थाने में दर्ज एक मुकदमे में सुबूत व गवाहों के आधार पर चार्जशीट तैयार कर ली है। एसआइटी सूत्रों ने बताया कि घटना किदवई नगर के के-ब्लॉक स्थित एक गुरुद्वारे में हुई थी। दंगाइयों ने यहां रहने वाले दो सिखों की बेरहमी से हत्या करने के बाद मकान में आग लगा दी थी।
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दो माह पूर्व एसआइटी ने फॉरेंसिक टीम बुलाकर यहां 36 वर्ष पुराने खून के धब्बे भी ढूंढ निकाले थे। साथ ही मृतकों के परिजनों को जालंधर व दिल्ली में ढूंढकर बयान दर्ज किए थे। इसके आधार पर आसपास रहने वाले चार व्यक्तियों समेत कुल 12 लोगों को आरोपी माना गया है।
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सिख विरोधी दंगे के दौरान शहर में 127 सिखों की हत्या हुई थी। हत्या व डकैती के 40 मामले विभिन्न थानों में दर्ज हुए थे। उस दौरान पुलिस ने 11 केस में चार्जशीट और बाकी 29 मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगाई थी। फाइनल रिपोर्ट वाले मुकदमों की ही एसआइटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) दोबारा जांच कर रही है।
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करीब दो साल की विवेचना के बाद एसआइटी ने नौबस्ता थाने में दर्ज एक मुकदमे में सुबूत व गवाहों के आधार पर चार्जशीट तैयार कर ली है। एसआइटी सूत्रों ने बताया कि घटना किदवई नगर के के-ब्लॉक स्थित एक गुरुद्वारे में हुई थी। दंगाइयों ने यहां रहने वाले दो सिखों की बेरहमी से हत्या करने के बाद मकान में आग लगा दी थी।
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दो माह पूर्व एसआइटी ने फॉरेंसिक टीम बुलाकर यहां 36 वर्ष पुराने खून के धब्बे भी ढूंढ निकाले थे। साथ ही मृतकों के परिजनों को जालंधर व दिल्ली में ढूंढकर बयान दर्ज किए थे। इसके आधार पर आसपास रहने वाले चार व्यक्तियों समेत कुल 12 लोगों को आरोपी माना गया है।
सिख विरोधी दंगे के दौरान हत्या, डकैती के जिन मुकदमों में फाइनल रिपोर्ट लगी थी। उसमें से एक मामले में सुबूतों व गवाहों के आधार पर आरोपपत्र तैयार किया गया है। विधिक राय लेने के बाद इसे जल्द ही कोर्ट में दाखिल कराया जाएगा। - बालेंदु भूषण, एसपी एसआइटी