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UP: सिपाही से मारपीट मामले में वकीलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से नाराज अधिवक्ताओं ने ठप किया न्यायिक कार्य
Thu, 03 Nov 2022 07:12 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 03 Nov 2022 07:12 PM IST
सार
सिपाही से मारपीट के मामले में अधिवक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से आक्रोशित अधिवक्ताओं घूम-घूम कर नारेबाजी करते हुए अदालतों में कामकाज ठप करा दिया।
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मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपते बार व लॉयर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में अधिवक्ताओं के खिलाफ गलत तरीके से रिपोर्ट दर्ज करने और पुलिस द्वारा अपराधियों की तरह उनके घरों पर दबिश दिए जाने से गुस्साए अधिवक्ताओं ने गुरुवार को न्यायिक कार्य बहिष्कार किया। बार और लॉयर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में अधिवक्ताओं ने पुलिस कमिश्नर व जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन भी सौंपा।
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आक्रोशित अधिवक्ताओं ने घूम-घूम कर नारेबाजी करते हुए अदालतों में कामकाज ठप करा दिया। जिससे दूरदराज से आए वादकारियों को मुकदमे में तारीखें लेकर वापस लौटना पड़ा। कचहरी के पास स्थित चेतना चौराहे पर गाड़ी खड़ी करने को लेकर मंगलवार को ट्रैफिक सिपाहियों और अधिवक्ताओं के बीच विवाद हो गया था।
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आरोप है कि अधिवक्ता रेवंत मिश्रा, मनोज द्विवेदी, रानू त्रिवेदी व 3-4 अन्य अधिवक्ताओं ने मिलकर ट्रैफिक सिपाही व एक होमगार्ड से मारपीट की। इसका वीडियो भी वायरल हो गया था। बुधवार को किदवई नगर निवासी होमगार्ड बालकिशन वाजपेई की तहरीर पर कोतवाली में रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई थी।
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इसकी जानकारी होने पर अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे और गुरुवार को न्यायिक कार्य बहिष्कार का ऐलान किया था। उनका कहना था कि एफआईआर गलत तरीके से दर्ज की गई है। वकीलों से अभद्रता व मारपीट की शुरुआत ट्रैफिक सिपाहियों ने की थी। वायरल वीडियो आधा अधूरा पक्ष है जिसके आधार पर बिना जांच किए एफआईआर दर्ज कर ली गई और दबिश के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है।