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कानपुर: यहां साल में एक बार खुलता है रावण का मंदिर, भक्तों ने तेल का दीपक जला दशानन की पूजा अर्चना की
Wed, 05 Oct 2022 12:45 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 05 Oct 2022 12:45 PM IST
सार
रावण का मंदिर खुलते ही दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। आज के दिन यहां पर लोग दूर-दूर से रावण के दर्शन के लिए आते हैं। यह प्राचीन मंदिर लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना है।
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शिवाला कैलाश मंदिर स्थित रावण के मंदिर में दशहरा पर दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कानपुर में शिवाला स्थित प्राचीन रावण का मंदिर साल में एक बार खुलता है। यहां पर बुधवार को रावण के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। दर्शन करने आए भक्तों ने रावण के समक्ष तेल का दीपक जला कर उनकी विशेष पूजा अर्चना की। इसके बाद उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मान्यता है कि यहां पर दशहरे के दिन तेल का दीपक जलाने से रावण का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उत्तर प्रदेश में केवल रावण के दो ही मंदिर हैं। पहला नोएडा में तो दूसरा कानपुर के शिवाला में। सुबह से यहां पर करीब हजारों की संख्या में भक्त रावण के दर्शन करने पहुंचे। आज के दिन यहां पर लोग दूर-दूर से रावण के दर्शन के लिए आते हैं। यह प्राचीन मंदिर लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना है। शिवाला का मेला भी काफी प्रसिद्ध है। रामलीला के दौरान यहां पर भारी भीड़ उमड़ती है।
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मान्यता है कि यहां पर दशहरे के दिन तेल का दीपक जलाने से रावण का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उत्तर प्रदेश में केवल रावण के दो ही मंदिर हैं। पहला नोएडा में तो दूसरा कानपुर के शिवाला में। सुबह से यहां पर करीब हजारों की संख्या में भक्त रावण के दर्शन करने पहुंचे। आज के दिन यहां पर लोग दूर-दूर से रावण के दर्शन के लिए आते हैं। यह प्राचीन मंदिर लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराना है। शिवाला का मेला भी काफी प्रसिद्ध है। रामलीला के दौरान यहां पर भारी भीड़ उमड़ती है।
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