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डॉक्टर और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे अमरौधा के पीएचसी
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पुखरायां। अमरौधा विकास खंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) डॉक्टर और स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं। करोड़ों से बने भवन देखरेख के अभाव में खंडहर हो रहे हैं। रूरगांव व देवराहट पीएचसी में अभी तक विद्युत कनेक्शन तक नहीं हो पाया है। चिकित्सकों की कमी व अनुपस्थिति से कुछ पीएचसी फार्मासिस्ट के भरोसे ही चल रहे हैं।
वहीं ब्लॉक के कई चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मचारियों की कोविड की जांच के लिए पुखरायां सीएचसी में ड्यूटी लगाई गई है। इससे अमरौधा, रूरगांव, मूसानगर, देवराहट पीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों को इनका बेहतर लाभ नहीं मिल रहा है।
किसी भी पीएचसी में प्रसव कराना भी संभव नहीं हो पा रहा है। इससे क्षेत्र की महिलाओं को पुखरायां सीएचसी रेफर किया जाता है। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को लेकर की जा रही तैयारियां बेअसर नजर आ रही हैं।
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रूरगांव में फार्मासिस्ट के सहारे पीएचसी
रूरगांव पीएचसी के भवन का नव निर्माण कराया जा चुका है, लेकिन बिजली के अभाव में सारी व्यवस्थाएं बेकार हो रही हैं। यहां के चिकित्सक मनीष को जेल चिकित्सालय से संबद्ध किया गया है। आयुर्वेदिक डॉ. अरविंद कटियार, वार्ड ब्वॉय व हेल्थ सुपरवाइजर को सीएचसी में कोविड टीम में लगाया गया है।
फर्मासिस्ट संयोगिता प्रसव कालीन अवकाश पर हैं। ऐसे में फार्मासिस्ट राजकुमार यादव ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सफाई कर्मी की तैनाती न होने से ग्रामीणों की मदद से सफाई करानी पड़ रही है। बुधवार को यहां ओपीडी में 30 मरीज देखे गए।
पांच की तैनाती, दो चिकित्सकों के भरोसे अमरौधा चिकित्सालय
अमरौधा पीएचसी में पांच चिकित्सकों की तैनाती है। इसमें एमओआईसी डॉ. आदित्य सचान को कोविड प्रभारी बनाया गया है। इस लिए इन्हें वर्तमान में पुखरायां सीएचसी में लगाया गया है। वहीं डॉ. अभिषेक सचान व संविदा डॉ. तसलीम जहां मरीजों का उपचार कर रहे हैं। डॉ. अभिषेक सचान ने बताया कि डॉ. प्रियंका दो माह से अनुपस्थित चल रही हैं, जबकि डॉ. गिरिराज को कंट्रोल रूम माती से संबद्ध किया गया है।
फार्मासिस्ट अरशद व एलटी गौरव को कोविड सैंपलिंग में लगाया गया है। वार्ड ब्वॉय राजनारायण, हेल्थ सुपरवाइजर मनोरमा, हेल्थ वर्कर मलेरिया हरीशंकर सचान, धर्मेंद्र दवाओं का वितरण करा रहे हैं। बुधवार को ओपीडी में एक मरीज ही इलाज कराने पहुंचा। चिकित्सक ने बताया कि कोविड के चलते ओपीडी में मरीजों की संख्या कम है।
डॉक्टर गए छुट्टी पर तो फार्मासिस्ट के हवाले अस्पताल
मूसानगर पीएचसी में डॉ. दिलीप सक्सेना, फर्मासिस्ट भगवान सिंह, लैब सहायक मोहम्मद फहीम, स्टाफ नर्स उमा सचान व अनुराग की तैनाती है। यहां पर चिकित्सक दिलीप सक्सेना के छुट्टी पर जाने पर फार्मासिस्ट अस्पताल संभालते हैं।
वार्ड ब्वॉय शिवशंकर को पुखरायां कोविड टीम से संबद्ध किया गया है, जबकि सफाई कर्मी की तैनाती नहीं है। जिससे परिसर में साफ सफाई के लिए अन्य लोगों का सहयोग लेना पड़ता है। वर्तमान में ओपीडी में मरीजाें की संख्या बहुत कम है। बुधवार को 10 मरीज इलाज कराने पहुंचे जिनका इलाज किया गया।
देवराहट पीएचसी की चिकित्सक जिला अस्पताल से संबद्ध
देवराहट में बने पीएचसी भवन में बिजली का कनेक्शन नहीं है। इससे यहां स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मरीजों व तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ती है। तैनात चिकित्सक डॉ. सोनाली आनंद को डेढ़ साल से जिला अस्पताल में संबद्ध किया गया है।
महज फार्मासिस्ट अमरेंद्र मिश्र के सहारे पीएचसी संचालित की जा रही है। सफाई कर्मी की भी तैनाती नहीं है। जिसके कारण फार्मासिस्ट को ही साफ सफाई करानी पड़ती है। पीने के पानी के लिए ग्रामीणों का सहयोग लेना पड़ता है। यही कारण है कि मरीजों की संख्या भी कम रहती है। फार्मासिस्ट ने बताया कि बुखार, खांसी के मरीजों को वह दवाएं दे देते हैं।
10 साल पहले बने सरांय पीएचसी का नहीं हुआ शुभारंभ
सरांय गांव में लगभग 10 वर्ष पूर्व पीएचसी भवन का निर्माण कराया गया था, जो अब जर्जर होने लगा है। इसका अभिलेखों में शुभारंभ अभी तक नहीं कराया जा सका है। सीएमओ ने डेढ़ वर्ष पूर्व फार्मासिस्ट राजकुमार को यहां पर संबद्ध कर दिया था, जो मरीजों को दवाएं दे देते हैं। जहां चिकित्सक की अभी तक तैनाती नहीं है। बिजली पानी सभी की समस्या है। भवन के दरवाजे भी जर्जर होने लगे हैं।
ग्रामीण शिव बालक, माना सिंह, राजकिशोर, राजेंद्र आदि ने बताया कि चिकित्सालय तो बन कर तैयार हो गया है। लेकिन चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई। अस्पताल में छुट्टा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। एमओआईसी डॉ. आदित्य सचान ने बताया कि सरांय सीएचसी में अभी तक किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। सीएमओ के द्वारा किसी फार्मासिस्ट को इलाज के लिए संबद्ध कर दिया गया है।
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वहीं ब्लॉक के कई चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मचारियों की कोविड की जांच के लिए पुखरायां सीएचसी में ड्यूटी लगाई गई है। इससे अमरौधा, रूरगांव, मूसानगर, देवराहट पीएचसी पर पहुंचने वाले मरीजों को इनका बेहतर लाभ नहीं मिल रहा है।
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किसी भी पीएचसी में प्रसव कराना भी संभव नहीं हो पा रहा है। इससे क्षेत्र की महिलाओं को पुखरायां सीएचसी रेफर किया जाता है। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने को लेकर की जा रही तैयारियां बेअसर नजर आ रही हैं।
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रूरगांव में फार्मासिस्ट के सहारे पीएचसी
रूरगांव पीएचसी के भवन का नव निर्माण कराया जा चुका है, लेकिन बिजली के अभाव में सारी व्यवस्थाएं बेकार हो रही हैं। यहां के चिकित्सक मनीष को जेल चिकित्सालय से संबद्ध किया गया है। आयुर्वेदिक डॉ. अरविंद कटियार, वार्ड ब्वॉय व हेल्थ सुपरवाइजर को सीएचसी में कोविड टीम में लगाया गया है।
फर्मासिस्ट संयोगिता प्रसव कालीन अवकाश पर हैं। ऐसे में फार्मासिस्ट राजकुमार यादव ही मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सफाई कर्मी की तैनाती न होने से ग्रामीणों की मदद से सफाई करानी पड़ रही है। बुधवार को यहां ओपीडी में 30 मरीज देखे गए।
पांच की तैनाती, दो चिकित्सकों के भरोसे अमरौधा चिकित्सालय
अमरौधा पीएचसी में पांच चिकित्सकों की तैनाती है। इसमें एमओआईसी डॉ. आदित्य सचान को कोविड प्रभारी बनाया गया है। इस लिए इन्हें वर्तमान में पुखरायां सीएचसी में लगाया गया है। वहीं डॉ. अभिषेक सचान व संविदा डॉ. तसलीम जहां मरीजों का उपचार कर रहे हैं। डॉ. अभिषेक सचान ने बताया कि डॉ. प्रियंका दो माह से अनुपस्थित चल रही हैं, जबकि डॉ. गिरिराज को कंट्रोल रूम माती से संबद्ध किया गया है।
फार्मासिस्ट अरशद व एलटी गौरव को कोविड सैंपलिंग में लगाया गया है। वार्ड ब्वॉय राजनारायण, हेल्थ सुपरवाइजर मनोरमा, हेल्थ वर्कर मलेरिया हरीशंकर सचान, धर्मेंद्र दवाओं का वितरण करा रहे हैं। बुधवार को ओपीडी में एक मरीज ही इलाज कराने पहुंचा। चिकित्सक ने बताया कि कोविड के चलते ओपीडी में मरीजों की संख्या कम है।
डॉक्टर गए छुट्टी पर तो फार्मासिस्ट के हवाले अस्पताल
मूसानगर पीएचसी में डॉ. दिलीप सक्सेना, फर्मासिस्ट भगवान सिंह, लैब सहायक मोहम्मद फहीम, स्टाफ नर्स उमा सचान व अनुराग की तैनाती है। यहां पर चिकित्सक दिलीप सक्सेना के छुट्टी पर जाने पर फार्मासिस्ट अस्पताल संभालते हैं।
वार्ड ब्वॉय शिवशंकर को पुखरायां कोविड टीम से संबद्ध किया गया है, जबकि सफाई कर्मी की तैनाती नहीं है। जिससे परिसर में साफ सफाई के लिए अन्य लोगों का सहयोग लेना पड़ता है। वर्तमान में ओपीडी में मरीजाें की संख्या बहुत कम है। बुधवार को 10 मरीज इलाज कराने पहुंचे जिनका इलाज किया गया।
देवराहट पीएचसी की चिकित्सक जिला अस्पताल से संबद्ध
देवराहट में बने पीएचसी भवन में बिजली का कनेक्शन नहीं है। इससे यहां स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मरीजों व तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ती है। तैनात चिकित्सक डॉ. सोनाली आनंद को डेढ़ साल से जिला अस्पताल में संबद्ध किया गया है।
महज फार्मासिस्ट अमरेंद्र मिश्र के सहारे पीएचसी संचालित की जा रही है। सफाई कर्मी की भी तैनाती नहीं है। जिसके कारण फार्मासिस्ट को ही साफ सफाई करानी पड़ती है। पीने के पानी के लिए ग्रामीणों का सहयोग लेना पड़ता है। यही कारण है कि मरीजों की संख्या भी कम रहती है। फार्मासिस्ट ने बताया कि बुखार, खांसी के मरीजों को वह दवाएं दे देते हैं।
10 साल पहले बने सरांय पीएचसी का नहीं हुआ शुभारंभ
सरांय गांव में लगभग 10 वर्ष पूर्व पीएचसी भवन का निर्माण कराया गया था, जो अब जर्जर होने लगा है। इसका अभिलेखों में शुभारंभ अभी तक नहीं कराया जा सका है। सीएमओ ने डेढ़ वर्ष पूर्व फार्मासिस्ट राजकुमार को यहां पर संबद्ध कर दिया था, जो मरीजों को दवाएं दे देते हैं। जहां चिकित्सक की अभी तक तैनाती नहीं है। बिजली पानी सभी की समस्या है। भवन के दरवाजे भी जर्जर होने लगे हैं।
ग्रामीण शिव बालक, माना सिंह, राजकिशोर, राजेंद्र आदि ने बताया कि चिकित्सालय तो बन कर तैयार हो गया है। लेकिन चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई। अस्पताल में छुट्टा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। एमओआईसी डॉ. आदित्य सचान ने बताया कि सरांय सीएचसी में अभी तक किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। सीएमओ के द्वारा किसी फार्मासिस्ट को इलाज के लिए संबद्ध कर दिया गया है।