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किसानों को मुफ्त मिलेंगे जायद फसलों के बीज

Wed, 15 Apr 2015 02:50 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Wed, 15 Apr 2015 02:50 AM IST
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Amit Mohan Prakash Principal Secretary ( Agriculture ) in Ghatampur
शासन की टीम ने मंगलवार को बारिश और ओलावृष्टि से तबाह किसानों को कुछ राहत देने की कोशिश की है। प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रकाश ने कहा है कि जायद की फसलों की बुआई के बीज किसानों को नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। जायद में मूंग, उड़द, मक्का, ज्वार, बाजरा की बुआई होती है।
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नि:शुल्क बीज उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर वीके सिंह को दी गई है। इसकी पुष्टि डीएम डॉ. रोशन जैकब ने की है। दूसरी तरफ शासन की टीम ने सदर, बिल्हौर और घाटमपुर तहसील क्षेत्र के गांवों में जाकर फसलों के अधिकतम नुकसान का आकलन किया है।
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प्रमुख सचिव को 70 फीसदी तक फसल बर्बाद मिली है।  प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रकाश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय टीम जिले के तीन तहसील क्षेत्र के गांवों में गई। डीएम डॉ. रोशन जैकब की मौजूदगी में शासन की टीम  अफजलपुर, किशनपुर, हिरनी, शंभुवा और चौबेपुर गांव गई।
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किसानों से बातचीत की और खेतों में जाकर गेहूं सहित दूसरी फसलों का हाल देखा। पता चला कि प्रति हेक्टेयर में जो गेहूं 38-40 क्विंटल पैदा होता था, वह सिमटकर 13-14 क्विंटल रह गया है। लागत के हिसाब से मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।

किसानों ने गेहूं के बीज और डंठल प्रमुख सचिव के सामने रख दिए और कहा कि खलिहान में रखे गेहूं के दाने जम रहे हैं। दाने की गुणवत्ता खराब हो चुकी है। गेहूं गिर गया, इसलिए डंठल खराब हो गए हैं। अब जानवरों के लिए भूसा भी नहीं मिल पाएगा।

प्रमुख सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार ने 33 फीसदी फसलों के नुकसान की आकलन रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट तैयार करके भेजी जा रही है। जल्द ही केंद्र सरकार से सहायता राशि मिल जाएगी। दूसरी तरफ डीएम ने बताया कि जिले के 1.33 लाख 302 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलों की बुआई की गई थी।

80 हजार 828 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसल ज्यादा प्रभावित हुई है। 50 से 70 फीसदी नुकसान की आकलन रिपोर्ट तैयार की गई है। इस नुकसान की जद में जिले के 4.77 लाख 227 किसान आ रहे हैं। 74 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसल में 33 फीसदी का नुकसान हुआ है। डीएम ने कहा कि ज्यादातर किसानों ने गेहूं की बुआई सामान्य तरीके से की है।


बुआई में तकनीक का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। यदि सीड ड्रील मशीन की मदद से गेहूं की बुआई की जाती तो बारिश, ओलावृष्टि का ज्यादा असर फसलों पर नहीं पड़ता। इससे पहले प्रमुख सचिव और डीएम ने शिवराजपुर विकासखंड पर लगे राहत कैंप में प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता मुहैया कराई है।

डीएम ने कहा कि 123 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता मांगी गई है। इसमें से 45 करोड़ रुपये का बजट मिला है। इसका वितरण तेजी से कराया जा रहा है। 
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