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इटावा: कराहती रही प्रसूताएं, एंबुलेंस को नहीं मिला रास्ता
Wed, 11 Nov 2020 12:56 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 11 Nov 2020 12:56 AM IST
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इटावा जिले के बसरेहर में मंगलवार को कस्बे में लगे भीषण जाम से तीन प्रसूताओं की जान पर बन आई। महिलाएं प्रसव पीड़ा से कराहती रही, करीब पौने घंटे तक एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने 112 नंबर पर फोन करके पुलिस को सूचना दी।
इस दौरान मरीज और तीमारदार परेशान रहे। कल्याणपुर पूठ निवासी सोनी और नेहा को प्रसव पीड़ा होने पर 102 नंबर एंबुलेंस उन्हें सीएचसी लेकर जा रही थी। सुबह करीब 11 बजे एंबुलेंस कस्बे में पहुंची तो भीषण जाम में फंस गई।
दोनों तरफ से ट्रक और गाड़ियां इस तरह से खड़ी थी कि एंबुलेंस को रास्ता मिलना मुश्किल हो गया। स्थानीय दुकानदारों ने जाम खुलवाने का काफी प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। एंबुलेंस चालकों ने पुलिस को सूचना दी।
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इसी बीच भदामई गांव की आरती को भी प्रसव के लिए अस्पताल लेकर जा रही एंबुलेंस भी इस जाम में फंस गई। तीनों एंबुलेंस करीब 45 मिनट तक सायरन बजाती रही, लेकिन जाम से बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल सका।
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इस दौरान मरीज और तीमारदार परेशान रहे। कल्याणपुर पूठ निवासी सोनी और नेहा को प्रसव पीड़ा होने पर 102 नंबर एंबुलेंस उन्हें सीएचसी लेकर जा रही थी। सुबह करीब 11 बजे एंबुलेंस कस्बे में पहुंची तो भीषण जाम में फंस गई।
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दोनों तरफ से ट्रक और गाड़ियां इस तरह से खड़ी थी कि एंबुलेंस को रास्ता मिलना मुश्किल हो गया। स्थानीय दुकानदारों ने जाम खुलवाने का काफी प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। एंबुलेंस चालकों ने पुलिस को सूचना दी।
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इसी बीच भदामई गांव की आरती को भी प्रसव के लिए अस्पताल लेकर जा रही एंबुलेंस भी इस जाम में फंस गई। तीनों एंबुलेंस करीब 45 मिनट तक सायरन बजाती रही, लेकिन जाम से बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल सका।
सूचना के काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने करीब एक किलोमीटर पीछे जाकर ट्रैफिक रोका। जिसके बाद कस्बे में जाम खुलना शुरू हुआ। इसके बाद एंबुलेंस महिलाओं को अस्पताल लेकर पहुंची।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरेली, फर्रुखाबाद और एक्सप्रेस-वे की तरफ से आने-जाने वाले भारी वाहन रात-दिन कस्बे से होकर गुजरते हैं। बावजूद इसके न तो कस्बे से अतिक्रमण हटाया जा रहा है न ही सड़क का चौड़ीकरण हो रहा है। इसकी वजह से यहां हर रोज भीषण जाम लगा रहता है।
बेतरतीब खड़े वाहनों ने मंडी के सामने लगाया जाम
मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे भरथना-बिधूना मार्ग पर लगभग पौन घंटे तक जाम लगा रहा। कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान बिक्री के लिए आने वाले किसानों के वाहनों के आड़े-तिरछे खडे होने से लगे जाम में आम राहगीरों के साथ मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस भी फंसी रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरेली, फर्रुखाबाद और एक्सप्रेस-वे की तरफ से आने-जाने वाले भारी वाहन रात-दिन कस्बे से होकर गुजरते हैं। बावजूद इसके न तो कस्बे से अतिक्रमण हटाया जा रहा है न ही सड़क का चौड़ीकरण हो रहा है। इसकी वजह से यहां हर रोज भीषण जाम लगा रहता है।
बेतरतीब खड़े वाहनों ने मंडी के सामने लगाया जाम
मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे भरथना-बिधूना मार्ग पर लगभग पौन घंटे तक जाम लगा रहा। कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान बिक्री के लिए आने वाले किसानों के वाहनों के आड़े-तिरछे खडे होने से लगे जाम में आम राहगीरों के साथ मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस भी फंसी रही।