Hamirpur: अमर उजाला पुलिस की पाठशाला का आयोजन, सीओ बोले- लाइक और फॉलोअर बढ़ाने के चक्कर में न पड़ें
Kanpur News: सेठ छोटेलाल एकेडमी में कानूनों के प्रति जागरूक करने के लिए अमर उजाला की ओर पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया।
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हमीरपुर जिले में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को सेठ छोटेलाल एकेडमी में कानूनों के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पुलिस क्षेत्राधिकारी दिलीप सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि लाइक और फॉलोअर बढ़ाने के चक्कर में न पड़ें।
कहा कि आज हर हाथ में स्मार्टफोन है इसलिए इसका सकारात्मक प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि लाइक और फॉलोअर बढ़ाने के चक्कर में युवा साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। लाइक और फॉलोअर के चक्कर में न पड़ें। वहीं, सीओ ने कहा कि जागरूकता से ही साइबर अपराधियों के चंगुल में आने से बच सकते हैं। किसी भी तरह के ऑफर के लालच में न आएं।
अनजान नंबर से आने वाले किसी भी लिंक को न खोलें। बताया कि बैंक कर्मचारी कभी भी फोन करके बैंक डिटेल्स नहीं मांगते हैं, इसलिए ठगों से सावधान रहें। एंटी रोमियो टीम की महिला एसआई सरिता ने कहा कि कोई भी समस्या होने पर 112 नंबर डायल करें। 10 मिनट में पुलिस आप तक पहुंच जाएगी। बताया कि अगर आप किसी तरह की ठगी या अपराध के शिकार हैं, तो डरने की जरूरत नहीं, बल्कि खुलकर बात कहने की जरूरत है।
दूसरे कंट्री कोड से कॉल आए, तो उसे न उठाएं
कोतवाल उमेश कुमार सिंह ने छात्राओं को मिशन शक्ति के प्रति जागरूक किया। आपात स्थिति में काम आने वाले नंबरों 1090, 112 व 100 आदि की जानकारी दी। कहा कि भारत का कोड +91 है। इसके अलावा अगर किसी दूसरे कंट्री कोड से कॉल आए, तो उसे न उठाएं। इस दौरान विद्यालय के प्रबंधक धीरेंद्र श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य आसिया बुशरा, अभिषेक गुप्ता, कोतवाल उमेश कुमार सिंह देवेंद्र राजपूत रहे।
फेसबुक पर दोस्ती करने से बचें : धीरेंद्र
विद्यालय के प्रबंधक धीरेंद्र ने कहा कि आजकल युवा बिना किसी पूछताछ या छानबीन के फेसबुक पर आई किसी भी फ्रेंड रिक्वेस्ट को स्वीकार कर लेते हैं, जबकि ऐसी रिक्वेस्ट साइबर अपराधियों द्वारा भी भेजी जाती है। इसलिए फेसबुक आदि पर दोस्त बनाने से पहले उनके बारे में अच्छे से जानना बहुत जरूरी है।
सवाल- साइबर अपराध से बचाव कैसे किया जा सकता है: समायरा
उत्तर- स्मार्टफोन का सकारात्मक इस्तेमाल करें। ओटीपी किसी को साझा नहीं करें। साथ ही सोशल
मीडिया पर भी अज्ञात लोगों से संपर्क नहीं करें।
सवाल- अगर कोई परेशान कर रहा है तो क्या करना चाहिए: देवांशी
उत्तर- डरें नहीं बल्कि इस बात को शिक्षक या अभिभावकों के साथ साझा करें। पुलिस की मदद लें, जहां गोपनीयता के साथ सहायता की जाएगी।