{"_id":"608d2d13139cfd629b49a1e9","slug":"akshaya-tritiya-2021-coronavirus","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना का ग्रहण: अक्षय तृतीया 14 मई को, पिछले वर्ष पांच करोड़ के मिले थे ऑनलाइन आर्डर, इस बार सराफा कारोबार ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना का ग्रहण: अक्षय तृतीया 14 मई को, पिछले वर्ष पांच करोड़ के मिले थे ऑनलाइन आर्डर, इस बार सराफा कारोबार ठप
Sat, 01 May 2021 04:15 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 01 May 2021 04:15 PM IST
सार
कोरोना काल से पहले अक्षय तृतीया पर्व पर शहरियों के अलावा बाहर जिलों से ग्राहक सोने-चांदी के सिक्कों की बड़े पैमाने पर खरीद करते थे।
विज्ञापन
अक्षय तृतीया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में कोरोना की दूसरी लहर ने 14 मई को मनाई जाने वाली अक्षय तृतीया पर्व पर ग्रहण लगा दिया है। कोरोना काल से पहले पर्व के एक महीने पहले से ही सराफा को बड़े-बड़े आर्डर मिल जाते थे लेकिन इस बार स्थिति उलट है। बड़े-बड़े शोरूम संचालकों की बोहनी तक नहीं हो रही है।
आर्डर ही नहीं मिल रहे हैं। पिछले साल भी लॉकडाउन के चलते करीब पांच करोड़ के ऑनलाइन आर्डर ही मिले थे। कोरोना काल से पहले अक्षय तृतीया पर्व पर शहरियों के अलावा बाहर जिलों से ग्राहक सोने-चांदी के सिक्कों की बड़े पैमाने पर खरीद करते थे।
करीब 50 से 60 करोड़ का कारोबार होता था। तमाम लोग डायमंड के भी आर्डर देते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। उप्र सराफा एसोसिएशन के मंत्री रामकिशोर मिश्रा ने बताया कि पिछले साल भी लॉकडाउन के चलते बाजार बंद थे। शगुन के तौर पर लोगों ने ऑनलाइन आर्डर दिए थे।
विज्ञापन
इस बार लॉकडाउन नहीं है। शादी भी खूब हैं, पर्व भी नजदीक है लेकिन खरीदार नहीं हैं। कानपुर महानगर बुलियन एंड सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने बताया कि गांवों में संक्रमण फैल चुका है। फसल कटने के बाद भी ग्रामीण बाजार नहीं आ रहे हैं।
अन्य बाजारों में बंदी के चलते बाहर जिलों का व्यापारी आ ही नहीं रहा है। कानपुर महानगर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि पर्व पर सोने-चांदी की मूर्तियां, सिक्के अधिक बिकते हैं। जिनका स्टाक कारोबारी एक महीने पहले से ही करने लगता था। लेकिन इस बार कोई स्टाक नहीं कर रहा है।
हॉलमार्क व्यवस्था लागू करने की तिथि बढ़ाई जाए
आभूषणों पर एक जून से हॉलमार्क की व्यवस्था लागू की जानी है। इसके लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने नोटिस जारी किया है। इसमें सभी कारोबारियों से बीआईएस के तहत पंजीकरण कराने को कहा जा रहा है। कैट के राष्ट्रीय सचिव पंकज अरोड़ा ने कोरोना से हो रही परेशानियों के चलते केंद्र सरकार से नई व्यवस्था की तिथि बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में उपभोक्ता और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
आर्डर ही नहीं मिल रहे हैं। पिछले साल भी लॉकडाउन के चलते करीब पांच करोड़ के ऑनलाइन आर्डर ही मिले थे। कोरोना काल से पहले अक्षय तृतीया पर्व पर शहरियों के अलावा बाहर जिलों से ग्राहक सोने-चांदी के सिक्कों की बड़े पैमाने पर खरीद करते थे।
विज्ञापन
करीब 50 से 60 करोड़ का कारोबार होता था। तमाम लोग डायमंड के भी आर्डर देते थे लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। उप्र सराफा एसोसिएशन के मंत्री रामकिशोर मिश्रा ने बताया कि पिछले साल भी लॉकडाउन के चलते बाजार बंद थे। शगुन के तौर पर लोगों ने ऑनलाइन आर्डर दिए थे।
विज्ञापन
इस बार लॉकडाउन नहीं है। शादी भी खूब हैं, पर्व भी नजदीक है लेकिन खरीदार नहीं हैं। कानपुर महानगर बुलियन एंड सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा ने बताया कि गांवों में संक्रमण फैल चुका है। फसल कटने के बाद भी ग्रामीण बाजार नहीं आ रहे हैं।
अन्य बाजारों में बंदी के चलते बाहर जिलों का व्यापारी आ ही नहीं रहा है। कानपुर महानगर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने बताया कि पर्व पर सोने-चांदी की मूर्तियां, सिक्के अधिक बिकते हैं। जिनका स्टाक कारोबारी एक महीने पहले से ही करने लगता था। लेकिन इस बार कोई स्टाक नहीं कर रहा है।
हॉलमार्क व्यवस्था लागू करने की तिथि बढ़ाई जाए
आभूषणों पर एक जून से हॉलमार्क की व्यवस्था लागू की जानी है। इसके लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने नोटिस जारी किया है। इसमें सभी कारोबारियों से बीआईएस के तहत पंजीकरण कराने को कहा जा रहा है। कैट के राष्ट्रीय सचिव पंकज अरोड़ा ने कोरोना से हो रही परेशानियों के चलते केंद्र सरकार से नई व्यवस्था की तिथि बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में उपभोक्ता और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को पत्र भेजा गया है।