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Kanpur News: राम के आगमन की तैयारी, व्यवस्थाएं वनवास में
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कानपुर। शहर में तीन दिन बाद रामलीला का मंचन शुरू होना है लेकिन कई रामलीला मैदानों में व्यवस्थाएं अब तक पटरी पर नहीं आ सकी हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर, जलभराव, खराब हाईमास्ट लाइट और जर्जर मंच आयोजक समितियों की चिंता बढ़ा रहे हैं। नौ अक्तूबर से शुरू होने वाले रामलीला मंचन से पहले नगर निगम को मैदानों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था और जरूरी मरम्मत का काम पूरा कराना है।
शहर में छोटी-बड़ी करीब सवा सौ जगह रामलीला का मंचन होता है जबकि नगर निगम के रिकॉर्ड में 42 स्थल पंजीकृत हैं। परेड, शास्त्रीनगर और गीता पार्क को छोड़ दें तो कई मैदानों में तैयारियां अब भी अधूरी हैं। रेल बाजार रामलीला मैदान में नौ अक्तूबर से मंचन शुरू होना है। यहां अभी कूड़े के ढेर लगे हैं और सफाई कार्य शुरू नहीं हुआ है। नौबस्ता गड़रियन पुरवा और संजय गांधी नगर के रामलीला स्थलों पर भी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हैं। महाराणा प्रताप रामलीला के अध्यक्ष ओपी पाल ने बताया कि मैदान में हाईमास्ट लाइट नहीं लगी है। मंच का चबूतरा और टीनशेड भी ठीक हालत में नहीं हैं। गंदगी और जलभराव के साथ जगह-जगह कूड़ा फैला है। संजय गांधीनगर स्थित सुभाष पार्क रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राम प्रकाश मिश्रा ने पेड़ों की छंटाई कराने और हाईमास्ट लाइट ठीक कराने की मांग की है।
जर्जर सड़क से होकर पहुंचेंगे दर्शक
जाजमऊ के केडीए बाजार में भारतीय संस्कृति उत्थान समिति रामलीला कराती है। यहां कार्यक्रम स्थल तक जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त है। जगह-जगह गड्ढे हैं और गिट्टी-बजरी फैली है। ऐसे में श्रद्धालुओं और दर्शकों को दुश्वारियों और धूल के गुबार के बीच से गुजरना पड़ेगा। कमेटी सदस्य विकास द्विवेदी ने बताया कि मंच के आसपास सफाई करा दी गई है, लेकिन केडीए चौराहा से गल्ला गोदाम और खट्टा-मीठा चौराहे तक की सड़क परेशानी का कारण बन सकती है।
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छह जोन में 42 स्थल पंजीकृत
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, जोन-1 में दो, जोन-2 में 13, जोन-3 में पांच, जोन-4 में दो, जोन-5 में 10 और जोन-6 में 10 रामलीला स्थल पंजीकृत हैं।
वर्जन
रामलीला मंचन से पहले सभी मैदानों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, पेड़ों की छंटाई और लाइटों के इंतजाम कराने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए गए हैं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तैयारियों की मॉनिटरिंग भी कराई जा रही है। - अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त
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शहर में छोटी-बड़ी करीब सवा सौ जगह रामलीला का मंचन होता है जबकि नगर निगम के रिकॉर्ड में 42 स्थल पंजीकृत हैं। परेड, शास्त्रीनगर और गीता पार्क को छोड़ दें तो कई मैदानों में तैयारियां अब भी अधूरी हैं। रेल बाजार रामलीला मैदान में नौ अक्तूबर से मंचन शुरू होना है। यहां अभी कूड़े के ढेर लगे हैं और सफाई कार्य शुरू नहीं हुआ है। नौबस्ता गड़रियन पुरवा और संजय गांधी नगर के रामलीला स्थलों पर भी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हैं। महाराणा प्रताप रामलीला के अध्यक्ष ओपी पाल ने बताया कि मैदान में हाईमास्ट लाइट नहीं लगी है। मंच का चबूतरा और टीनशेड भी ठीक हालत में नहीं हैं। गंदगी और जलभराव के साथ जगह-जगह कूड़ा फैला है। संजय गांधीनगर स्थित सुभाष पार्क रामलीला कमेटी के अध्यक्ष राम प्रकाश मिश्रा ने पेड़ों की छंटाई कराने और हाईमास्ट लाइट ठीक कराने की मांग की है।
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जर्जर सड़क से होकर पहुंचेंगे दर्शक
जाजमऊ के केडीए बाजार में भारतीय संस्कृति उत्थान समिति रामलीला कराती है। यहां कार्यक्रम स्थल तक जाने वाली सड़क क्षतिग्रस्त है। जगह-जगह गड्ढे हैं और गिट्टी-बजरी फैली है। ऐसे में श्रद्धालुओं और दर्शकों को दुश्वारियों और धूल के गुबार के बीच से गुजरना पड़ेगा। कमेटी सदस्य विकास द्विवेदी ने बताया कि मंच के आसपास सफाई करा दी गई है, लेकिन केडीए चौराहा से गल्ला गोदाम और खट्टा-मीठा चौराहे तक की सड़क परेशानी का कारण बन सकती है।
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छह जोन में 42 स्थल पंजीकृत
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, जोन-1 में दो, जोन-2 में 13, जोन-3 में पांच, जोन-4 में दो, जोन-5 में 10 और जोन-6 में 10 रामलीला स्थल पंजीकृत हैं।
वर्जन
रामलीला मंचन से पहले सभी मैदानों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, पेड़ों की छंटाई और लाइटों के इंतजाम कराने के निर्देश संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिए गए हैं। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तैयारियों की मॉनिटरिंग भी कराई जा रही है। - अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त