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100 किसानों का बनेगा सेल्फ हेल्प ग्रुप
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर देहात
Updated Tue, 14 Jul 2015 01:32 AM IST
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कृषि क्षेत्र में अधिकाधिक विकास और किसानों को लाभ देने के लिए 50 से 100
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किसानों का सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाया जाएगा। मंडलायुक्त ने उपकृषि निदेशक व
एआर कोआपरेटिव को हेल्प ग्रुप की रूपरेखा व विस्तृत कार्ययोजना बनाकर
रिपोर्ट एक सप्ताह में भेजने के निर्देश दिए हैं।
बताते चलें कि कानपुर देहात का अधिकांश क्षेत्रफल कृषि पर आधारित है। किसानों को विकास और लाभ से जोडने के लिए मंडलायुक्त कानपुर मोहम्मद इफ्तखारुद्दीन ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर प्रथम चरण में 50 से 100 किसानों के सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। भेजे गए आदेशानुसार सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए जाने से किसानों के समूह को एक ही जगह पर खाद, बीज उपलब्ध हो सकेगी। जिससे ट्रांसपोर्टेशन आदि के व्यय व दर में कमी आएगी।
ग्रुप बनने से प्रशिक्षण, फसलों का प्रदर्शन, कृषि बीमा, चारागाह का विकास व रखरखाव, फ्रूड प्रोसिंग, डेयरी इंडस्ट्री को बढ़ावा, फूलों की खेती, मसाला, विभिन्न प्रकार की औषधियां, बागवानी आदि के क्षेत्र में क्लस्टर विकास, विपणन व निर्यात आसान हो जाएगा। प्रथम चरण में जिले के प्रत्येक 50 से 100 किसानों के कम से कम 100 सेल्फ हेल्प ग्रुप गठित किए जाएंगे।
योजना का असलीजामा पहनाने के लिए रूपरेखा व कार्ययोजना पहनाने की जिम्मेदारी उपकृषि निदेशक व एआर कोआपरेटिव सोसायटी आदि को दी गई है, जिसकी कापी संयुक्त निदेशक कृषि कानपुर मंडल को एक सप्ताह में भेजने को कहा गया है।
बताते चलें कि कानपुर देहात का अधिकांश क्षेत्रफल कृषि पर आधारित है। किसानों को विकास और लाभ से जोडने के लिए मंडलायुक्त कानपुर मोहम्मद इफ्तखारुद्दीन ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर प्रथम चरण में 50 से 100 किसानों के सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। भेजे गए आदेशानुसार सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए जाने से किसानों के समूह को एक ही जगह पर खाद, बीज उपलब्ध हो सकेगी। जिससे ट्रांसपोर्टेशन आदि के व्यय व दर में कमी आएगी।
ग्रुप बनने से प्रशिक्षण, फसलों का प्रदर्शन, कृषि बीमा, चारागाह का विकास व रखरखाव, फ्रूड प्रोसिंग, डेयरी इंडस्ट्री को बढ़ावा, फूलों की खेती, मसाला, विभिन्न प्रकार की औषधियां, बागवानी आदि के क्षेत्र में क्लस्टर विकास, विपणन व निर्यात आसान हो जाएगा। प्रथम चरण में जिले के प्रत्येक 50 से 100 किसानों के कम से कम 100 सेल्फ हेल्प ग्रुप गठित किए जाएंगे।
योजना का असलीजामा पहनाने के लिए रूपरेखा व कार्ययोजना पहनाने की जिम्मेदारी उपकृषि निदेशक व एआर कोआपरेटिव सोसायटी आदि को दी गई है, जिसकी कापी संयुक्त निदेशक कृषि कानपुर मंडल को एक सप्ताह में भेजने को कहा गया है।