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Kanpur News: दो माह बाद क्रोमियम जांच के लिए जुटाए गए 91 ब्लड सैंपल
Sun, 01 Nov 2026 12:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 01 Nov 2026 12:53 AM IST
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कानपुर देहात। क्रोमियम प्रभावित क्षेत्र के लोगों में क्रोमियम के असर का पता लगाने और सेहत का ध्यान रखने के लिए कराई जाने वाली जांच दोबारा शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्रोमियम प्रभावित क्षेत्र से 91 लोगों के रक्त नमूने लेकर जांच के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ भेजे गए हैं। हालांकि अभी तक पूर्व में भेजे गए 180 सैंपल की जांच रिपोर्ट नहीं आ सकी है।
सरवनखेड़ा पीएचसी अधीक्षक डॉ. राकेश यादव ने बताया कि रनियां पीएचसी अधीक्षक डॉ. विशाल भसीन के नेतृत्व में टीम गठित कर कर रनियां के आंबेडकर नगर वार्ड के 21 घरों से 91 लोगों के रक्त नमूने जुटाए गए हैं। इनमें 35 पुरुष 56 महिलाएं शामिल हैं। यह नमूने जांच के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि बजट के अभाव में अगस्त व सितंबर माह में सैंपलिंग नहीं की गई थी। अक्तूबर माह की सैंपलिंग आशाओं के हड़ताल पर चले जाने की वजह से देरी से हो सकी है।
बता दें कि रनियां में खानचंदपुर-मटियामऊ मार्ग पर डंप किए गए क्रोमियम के 20 साल से ज्यादा खुले में पड़े रहने व बाद में किस्तों में हुए निस्तारण से खानचंदपुर सहित करीब 11 स्थानों का भूजल दूषित हुआ है। इससे लोगों के शरीर में क्रोमियम, मर्करी व फ्लोराइड जैसे घातक तत्व का असर दिखने लगा। एनजीटी ने प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति की जांच करवाने व प्रभावी उपचार देकर लोगों को क्रोमियम के खतरे से बचाने के निर्देश दिए थे।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक हुई जांच में करीब 1028 लोगों की जांच करवाई जा चुकी है। इसमें से 947 लोगों के खून में मानक से अधिक क्रोमियम, 48 में मर्करी व 25 में फ्लोराइड पाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी नहीं है। अब फिर से जांच रिपोर्ट आने के बाद लोगों के स्वास्थ्य के बारे में पता लग सकेगा।
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बयान....
शासन से बजट मिलने के बाद क्रोमियम प्रभावित क्षेत्र में लोगों की जांच दोबारा से शुरू कर दी गई है। मई, जून व जुलाई माह के 180 सैंपल की रिपोर्ट अभी डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट से नहीं आई है। रिपोर्ट आने पर लोगों के शरीर में क्रोमियम या अन्य भारी तत्व के पहुंचने की मात्रा और भी स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में लोगों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। - डॉ. जय गोविंद , सीएमओ
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सरवनखेड़ा पीएचसी अधीक्षक डॉ. राकेश यादव ने बताया कि रनियां पीएचसी अधीक्षक डॉ. विशाल भसीन के नेतृत्व में टीम गठित कर कर रनियां के आंबेडकर नगर वार्ड के 21 घरों से 91 लोगों के रक्त नमूने जुटाए गए हैं। इनमें 35 पुरुष 56 महिलाएं शामिल हैं। यह नमूने जांच के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट लखनऊ जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि बजट के अभाव में अगस्त व सितंबर माह में सैंपलिंग नहीं की गई थी। अक्तूबर माह की सैंपलिंग आशाओं के हड़ताल पर चले जाने की वजह से देरी से हो सकी है।
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बता दें कि रनियां में खानचंदपुर-मटियामऊ मार्ग पर डंप किए गए क्रोमियम के 20 साल से ज्यादा खुले में पड़े रहने व बाद में किस्तों में हुए निस्तारण से खानचंदपुर सहित करीब 11 स्थानों का भूजल दूषित हुआ है। इससे लोगों के शरीर में क्रोमियम, मर्करी व फ्लोराइड जैसे घातक तत्व का असर दिखने लगा। एनजीटी ने प्रभावित क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति की जांच करवाने व प्रभावी उपचार देकर लोगों को क्रोमियम के खतरे से बचाने के निर्देश दिए थे।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक हुई जांच में करीब 1028 लोगों की जांच करवाई जा चुकी है। इसमें से 947 लोगों के खून में मानक से अधिक क्रोमियम, 48 में मर्करी व 25 में फ्लोराइड पाया जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी नहीं है। अब फिर से जांच रिपोर्ट आने के बाद लोगों के स्वास्थ्य के बारे में पता लग सकेगा।
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बयान....
शासन से बजट मिलने के बाद क्रोमियम प्रभावित क्षेत्र में लोगों की जांच दोबारा से शुरू कर दी गई है। मई, जून व जुलाई माह के 180 सैंपल की रिपोर्ट अभी डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट से नहीं आई है। रिपोर्ट आने पर लोगों के शरीर में क्रोमियम या अन्य भारी तत्व के पहुंचने की मात्रा और भी स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में लोगों की निगरानी के लिए स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। - डॉ. जय गोविंद , सीएमओ