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पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर अनशन पर बैठे वकील, कर दी ये घोषणा

Sun, 18 Nov 2018 06:32 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Sun, 18 Nov 2018 06:32 PM IST
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advocates on Hunger strike for Demand separate Bundelkhand state
अनशन स्थल पर वकील - फोटो : अमर उजाला
पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को लेकर पिछले 144 दिन से महोबा जिले में शहर के आल्हा चौक में चल रहे अनशन में सहयोग देने के लिए रविवार को जिले के अधिवक्ता भी अनशन पर बैठ गए। अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष से लेकर एल्डर्स कमेटी के सदस्य तक सभी अनशन स्थल पर पहुंचे और अलग राज्य की हुंकार भरी। अधिवक्ताओं ने झांसी बंद के दौरान 26 नवंबर को हो रहे न्यायिक कार्य बहिष्कार में शामिल होने की घोषणा कर दी।    
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पूर्व अध्यक्ष राम प्रकाश शुक्ला ने 'पावन है भूमि बुंदेलखंड भारत ये जिसकी महिमा का गायन शास्त्र करते हैं' गीत प्रस्तुत किया। महोबा के बाद 11 सितम्बर को बांदा व 17 सितम्बर से झांसी में लगातार अनशन चल रहा है।
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एल्डर्स कमेटी के सदस्य लोचन सिंह ने कहा कि आजादी के बाद वर्ष 1956 तक बुंदेलखंड राज्य था। अगर इसका विभाजन न होता तो बुंदेलखंड की ये दुर्दशा न होती। रामदत्त तिवारी ने कहा कि 26 नवंबर को वकीलों का एक जत्था झांसी जाएगा और वहां बंद में शामिल अधिवक्ताओं का साथ देगा। उसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। अनशन में जिला अधिवक्ता समिति के कोषाध्यक्ष सज्जन द्विवेदी, कृष्ण बिहारी दीक्षित, विजय बहादुर सिंह, राम शंकर शर्मा, अरूण चतुर्वेदी, आशीष शुक्ला, रामेश्वर यादव, पूर्व फौजी कृष्णा शंकर जोशी, लायक सिंह, लाखन सिंह तोमर, मोहन यादव सहित तमाम अधिवक्ता व समाजसेवी मौजूद रहे।
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