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अधिवक्ता हत्याकांड: कथित वकीलों के साथ रामखिलावन राजाराम की संपत्तियों में कर रहा था खेल, विरोध पर कर दी थी हत्या
Mon, 27 Dec 2021 01:08 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Mon, 27 Dec 2021 01:08 PM IST
सार
कानपुर वकील हत्याकांड में मुख्यआरोपी रामखिलावन की रजिस्ट्रार विभाग में गहरी पैठ थी। वहां के कर्मचारियों से मिलीभगत वह लोगों की जमीनों के दस्तावेजों में टेंपरिंग करता था। जिस किसी के नाम पर जमीन करता था, उससे वह अपने किसी करीबी को बिकवा देता था।
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Lawyer murder case
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कानपुर में हुए वकील हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता रामखिलावन बहुत शातिर है। वह राजाराम की जमीनों पर अड़ंगा लगाता रहता था। इसलिए कुछ कथित वकीलों को भी इस जाल में फंसा रखा था लेकिन ये कथित वकील खुद इसको जरिया बनाकर राजाराम की संपत्ति पर नजर गड़ाए हुए थे। राजाराम वर्मा की हत्याकांड के बाद ये इन कथित वकीलों में खलबली मच गई है।
रामखिलावन की रजिस्ट्रार विभाग में गहरी पैठ थी। वहां के कर्मचारियों से मिलीभगत वह लोगों की जमीनों के दस्तावेजों में टेंपरिंग करता था। जिस किसी के नाम पर जमीन करता था, उससे वह अपने किसी करीबी को बिकवा देता था। डीएम के आदेश पर कोतवाली में एफआईआर भी हुई थी। कई ऐसे केस वह सांठगांठ कर बंद करवा चुका है। राजाराम के नाम पर अरबों की जमीन थी।
रामखिलावन ने इसमें उसके सौतेले भाई राजबहादुर को मोहरा बनाकर जमीनों में हेरफेर करवाया था। पिछले 15 वर्षों से वह जमीन कब्जाने में जुटा था। सूत्रों ने बताया राजाराम की जमीन हड़पने के लिए रामखिलावन ने तीन कथित वकीलों का भी साथ पकड़ रखा था। दो वकील ऐसे हैं, जो पहले भी विवादित रहे हैं। उन पर मुकदमे भी दर्ज हैं। मगर जब राजाराम की हत्या हो गई तो यह वकील भी परेशान हो गए हैं।
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पुराने केसों की समीक्षा शुरू, खुलेंगी फाइलें
पुलिस के मुताबिक रामखिलावन के खिलाफ करीब आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। अमर उजाला ने कई पीड़ितों से बात की तो खुलासा हुआ कि जमीन के दस्तावेजों में रामखिलावन ने टेंपरिंग की। जमीनें बेच दी थी। मुकदमा कराया लेकिन पुलिस ने उसमें से कई केस बंद कर दिए। डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज केसों की समीक्षा की जाएगी। जिन केसों में साक्ष्य होंगे उनको दोबारा खोला जाएगा।
गैंगस्टर लगा, जब्त होगी अवैध संपत्ति
डीसीपी ने बताया कि तीन टीमों आरोपी की तलाश में लगी हैं। जल्द से जल्द उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। उसके बाद उसके खिलाफ गैंगस्टर भी लगाया जाएगा। जिसके तहत उसकी संपत्ति का पता कर जब्तीकरण किया जाएगा।
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रामखिलावन की रजिस्ट्रार विभाग में गहरी पैठ थी। वहां के कर्मचारियों से मिलीभगत वह लोगों की जमीनों के दस्तावेजों में टेंपरिंग करता था। जिस किसी के नाम पर जमीन करता था, उससे वह अपने किसी करीबी को बिकवा देता था। डीएम के आदेश पर कोतवाली में एफआईआर भी हुई थी। कई ऐसे केस वह सांठगांठ कर बंद करवा चुका है। राजाराम के नाम पर अरबों की जमीन थी।
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रामखिलावन ने इसमें उसके सौतेले भाई राजबहादुर को मोहरा बनाकर जमीनों में हेरफेर करवाया था। पिछले 15 वर्षों से वह जमीन कब्जाने में जुटा था। सूत्रों ने बताया राजाराम की जमीन हड़पने के लिए रामखिलावन ने तीन कथित वकीलों का भी साथ पकड़ रखा था। दो वकील ऐसे हैं, जो पहले भी विवादित रहे हैं। उन पर मुकदमे भी दर्ज हैं। मगर जब राजाराम की हत्या हो गई तो यह वकील भी परेशान हो गए हैं।
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पुराने केसों की समीक्षा शुरू, खुलेंगी फाइलें
पुलिस के मुताबिक रामखिलावन के खिलाफ करीब आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। अमर उजाला ने कई पीड़ितों से बात की तो खुलासा हुआ कि जमीन के दस्तावेजों में रामखिलावन ने टेंपरिंग की। जमीनें बेच दी थी। मुकदमा कराया लेकिन पुलिस ने उसमें से कई केस बंद कर दिए। डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दर्ज केसों की समीक्षा की जाएगी। जिन केसों में साक्ष्य होंगे उनको दोबारा खोला जाएगा।
गैंगस्टर लगा, जब्त होगी अवैध संपत्ति
डीसीपी ने बताया कि तीन टीमों आरोपी की तलाश में लगी हैं। जल्द से जल्द उसकी गिरफ्तारी की जाएगी। उसके बाद उसके खिलाफ गैंगस्टर भी लगाया जाएगा। जिसके तहत उसकी संपत्ति का पता कर जब्तीकरण किया जाएगा।