नहीं मिला न्याय..तो कर लूंगा आत्मदाह: प्रशासन से एक और परिवार परेशान, बोला- पैतृक जमीन पर जबरन हो रहा है कब्जा
मड़ौली अग्निकांड के बाद कानपुर देहात में एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बैजूपुरवा निवासी ने निजी भूमि पर प्रशासन के द्वारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का जबरन निर्माण करने का आरोप लगाया है।
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कानपुर देहात मड़ौली में कब्जा हटाने के दौरान अफसरों के सामने मां-बेटी जिंदा जल गईं। इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में खूब हो हल्ला हो रहा है। इधर शासन और प्रशासन पीड़ित परिवार को मरहम लगाने में लगा है। इसी तरह का एक प्रकरण बैजूपुरवा गांव का है।
भूस्वामी प्रशासनिक अमले से परेशान हैं। आरोप है कि लेखपाल उत्पीड़न कर रहा है। नौ बिस्वा पैतृक जमीन पर जबरन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का प्रस्ताव कर निर्माण कराया जा रहा है। कोर्ट से काम रोकने का आदेश है लेकिन मनमानी जारी है। पीड़ित ने न्याय न मिलने पर 20 फरवरी को आत्मदाह की चेतावनी दी है।
अकबरपुर तहसील के बैजूपुरवा गांव में घनश्याम पाल की पैतृक भूमि है। इसका रिकार्ड राजस्व अभिलेख में है। खतौनी भी घनश्याम के पास है। सिक्योरिटी गार्ड का काम करने वाले घनश्याम पाल कहते हैं कि उनकी नौ बिस्वा जमीन है। मौके पर इतनी ही जमीन है, जबकि राजस्व रिकार्ड में इस गाटे में ज्यादा जमीन अंकित है।
पीड़ित बोला- लेखपाल भ्रष्ट है
उन्होंने आरोप लगाया है कि लेखपाल भ्रष्ट है। उसने उनकी जमीन पर ही अस्पताल का प्रस्ताव कर दिया। कोर्ट की शरण ली, तो वहां से निर्माण पर रोक लगाई गई है। लेकिन ठेकेदार ने निर्माण रोका नहीं है। नींव का काम करा दिया गया है।
न्याय न मिला, तो करूंगा आत्मदाह
उन्होंने मांग की है कि किसी अन्य लेखपाल से नाप कराई जाए, उन्हें दर्ज पैतृक जमीन दी जाए। घनश्याम ने कहा कि पत्नी बीमार है। वह भाग दौड़ कर जमीन बचाने का जतन कर रहे हैं। न्याय न मिला तो 20 फरवरी को आत्मदाह करने को मजबूर होना पड़ेगा।
कमिश्नर ने दिया जांच का आश्वासन
इधर शिकायत पर कमिश्नर डॉ. राजशेखर ने जांच कराने का आश्वासन दिया। सदर एसडीएम भूमिका यादव ने बताया कि प्रकरण उनके संज्ञान में है। जल्द जांच कराकर समाधान किया जाएगा। पीड़ित परिवार से बातचीत भी की जा रही है।