Kanpur: वसूलीबाज और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर तीसरे दिन भी कार्रवाई, एक इंस्पेक्टर व तीन दरोगा समेत सात निलंबित
Kanpur News: पुलिस कमिश्नर ने आरोपी सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। सभी निलंबित पुलिसकर्मियों ने किसी ने धाराएं कम करने तो किसी ने छोड़ने के नाम पर रुपये वसूले है।आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की गई है।
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कानपुर में वसूलीबाज और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर लगातार तीसरे दिन भी कार्रवाई की गई। शुक्रवार को भी पुलिस अधिकारियों ने वसूलीबाजी और विवेचना में लापरवाही बरतने पर सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। निलंबित होने वालों में एक इंस्पेक्टर, तीन दरोगा और तीन कांस्टेबल हैं। एक दिन पहले भी घाटमपुर की पतारा चौकी के चार दरोगाओं समेत आठ पुलिसकर्मियों को वसूलीबाजी के आरोप में निलंबित किया गया था।
शिवराजपुर के इंस्पेक्टर पर कार्रवाई के लिए रुपये लेने का आरोप
डीसीपी पश्चिम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि शिवराजपुर थाने में एक शख्स ने एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि पत्नी तीन बच्चों को लेकर कहीं चली गई। इस मामले में छह लोगों को आरोपी बनाया गया था। इसकी जांच इंस्पेक्टर शिवशंकर पाल कर रहे थे। आरोप है कि विवेचक ने इस गंभीर मामले में न तो किसी की गिरफ्तारी की और न ही अपहरण की धारा बढ़ाई। वहीं, पीड़ित पक्ष से कार्रवाई करने के लिए रुपये की मांग की और आरोपी पक्ष से मिलकर समझौते का दबाव बनाया। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर इंस्पेक्टर शिवशंकर पाल को निलंबित कर दिया गया।
बिठूर और बिल्हौर के दरोगाओं पर भी रुपये लेने के आरोप साबित
बिठूर थाने में तैनात दरोगा प्रमोद कुमार बैसला पर गलत तरीके से एफआईआर दर्ज कर गैंगस्टर की कार्रवाई करने और आरोपियों से जेल में मुलाकात कर धारा कम करने के एवज में रुपये लेने का आरोप है। एसीपी की जांच में आरोप सही पाए जाने पर निलंबित किया गया है। इसके अलावा बिल्हौर थाने में तैनात दरोगा राजपाल पर आरोप था कि अकारण इलाके के रहने वाले एक शख्स से गालीगलाैज की। विरोध पर उसे तीन दिन थाने में रखकर मारपीट की। इसके बाद रुपये लेकर थाने से छोड़ दिया गया। जांच में दोषी पाए जाने के बाद दरोगा राजपाल को भी निलंबित कर दिया गया।
ट्रैफिक विभाग में तैनात एक दरोगा और चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर ने बताया कि तीन अगस्त की रात जाजमऊ की तरफ से आ रहे वाहन को इनोवा कार सवार ट्रैफिक पुलिस कर्मियों ने रोक लिया। वाहन से संबंधित दस्तावेज न होने पर मारपीट कर गालीगलौज की गई। इसके बाद छोड़ने के एवज में रुपये की मांग की। पीड़ित ने घर में कॉल कर रुपये मंगाए और पुलिसकर्मियों को दिए। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से की थी। जांच में आरोपी सही पाए जाने पर टीएसआई सत्येंद्र पाल सिंह, कांस्टेबल पालेंद्र चौहान, अनुपम और चालक कुलदीप को निलंबित कर दिया गया।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बीते दो दिनों में 15 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है। जो भी मामले इस तरह के सामने आ रहे हैैं, उनकी जांच के बाद कार्रवाई की जा रही है। -हरीश चंदर, एडिशनल सीपी