विवाहिता से दुष्कर्म में दस साल कैद, दो साल अदालत के चक्कर काटने के बाद पीड़िता को मिला न्याय
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फतेहपुर में विवाहिता से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 16,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविकरन सिंह की अदालत में विचाराधीन था। अदालत ने जुर्माने की रकम से आठ हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत के आदेश के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। मामला मलवां थानाक्षेत्र के एक गांव का है। घटना 16 अगस्त 2017 को सुबह साढ़े आठ बजे पीड़िता के घर में ही घटित हुई थी। पैरवी सहायक अधिवक्ता शासकीय धर्मेंद्र उत्तम ने बताया कि पीड़िता घर में अकेली थी और उसके पति और ससुरालीजन बाहर गए थे।
मौके का फायदा उठाकर पड़ोसी राजन शुक्ला उसके घर में घुस गया और दुष्कर्म किया। पीड़िता के घरवाले जब वापस आए तो उसने आपबीती बताई। जिसके बाद मलवां पुलिस ने राजन शुक्ला पर दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस ने राजन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से वह लगातार दो साल से जेल में बंद था।
सोमवार को मामले की सुनवाई कर रहे अपर जिला जज रविकरन सिंह की अदालत ने गवाहों, साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर राजन शुक्ला को दोषी माना और दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने राजन पर 16,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत के आदेश के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया।