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कन्नौज हादसा: जिसकी बस में जिंदा जले थे 20 लोग वो घूम रहा आजाद, फिर कर रहा मौत की बस चलाने की तैयारी
Sat, 29 Feb 2020 07:21 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 29 Feb 2020 07:21 PM IST
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कन्नौज बस हादसा
- फोटो : self
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कन्नौज में 10 जनवरी को ट्रक और बस की भिड़त के बाद जिसकी बस में 20 लोग जिंदा जल गए थे वो फिर से मौत की बस चलाने की तैयार कर रहा है। बस हादसे के बाद वो गायब हो गया और पुलिस उसे ढूंढ भी नहीं पाई। जब पुलिस उसतक पहुंची तबतक कोर्ट से उसके पास गिरफ्तार न करने का आदेश था। जिसके बाद एक बार फिर वो सक्रिय हो गया है।
फर्रुखाबाद में बस संचालक विमल चतुर्वेदी ने शनिवार को एआरटीओ कार्यालय जाकर पीटीओ के साथ एक घंटे तक वार्ता करके बाद बसों को चलवाने की रणनीति बनाई है। कन्नौज हादसे के बाद विमल की कई बसों की फिटनेस भी खत्म हो चुकी है। उसकी छह बसों की लंबाई 12 मीटर से अधिक है। ऐसे में उनकी फिटनेस को कई दलाल भी सक्रिय हो गए हैं।
जिला कन्नौज की कोतवाली छिबरामऊ के गांव घिलोई में सामान्य से स्लीपर में तब्दील हुई बस व ट्रक में 10 जनवरी को भिड़ंत होने के बाद आग लग गई थी। हादसे में कई लोग जिंदा जल गए थे। उस घटना के बाद बस मालिक विमल भूमिगत हो गया था। हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद विमल ने अपनी बसों को फिर चलवाने की कवायद शुरू कर दी है।
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फर्रुखाबाद में बस संचालक विमल चतुर्वेदी ने शनिवार को एआरटीओ कार्यालय जाकर पीटीओ के साथ एक घंटे तक वार्ता करके बाद बसों को चलवाने की रणनीति बनाई है। कन्नौज हादसे के बाद विमल की कई बसों की फिटनेस भी खत्म हो चुकी है। उसकी छह बसों की लंबाई 12 मीटर से अधिक है। ऐसे में उनकी फिटनेस को कई दलाल भी सक्रिय हो गए हैं।
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जिला कन्नौज की कोतवाली छिबरामऊ के गांव घिलोई में सामान्य से स्लीपर में तब्दील हुई बस व ट्रक में 10 जनवरी को भिड़ंत होने के बाद आग लग गई थी। हादसे में कई लोग जिंदा जल गए थे। उस घटना के बाद बस मालिक विमल भूमिगत हो गया था। हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद विमल ने अपनी बसों को फिर चलवाने की कवायद शुरू कर दी है।
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कन्नौज में जिस बस में हादसा हुआ उसके मालिक मालकिन बिमल एवं प्रीति चतुर्वेदी
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को विमल एआरटीओ कार्यालय में पहुंचा और बसों के संचालन के लिए पीटीओ वीके आनंद से मिलकर रणनीति तैयार की है। अभी विमल की बसें जिला एटा के थाना अलीगंज के बार्डर से दिल्ली व जयपुर के लिए चल रही हैं। फर्रुखाबाद से सवारियों को मिनी बस से अलीगंज तक ले जाया जाता है।
बस में भेजा जाने वाला सामान लोडर से पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में एक मिनी बस व लोडर में प्रतिदिन आठ हजार रुपये का खर्चा आ रहा है। विमल ने इन बिंदुओं पर पीटीओ से वार्ता की। उसकी कई बसों की फिटनेस भी खत्म हो गई है। वहीं छह बसों की लंबाई 12 मीटर से अधिक है।
उनकी फिटनेस करने से आरआई जीवन कुमार ने पहले ही मना कर दिया था। विमल के आफिस पहुंचते ही कई दलाल भी सक्रिय हो गए जो पहले भी उसकी बसों की पत्रावलियां पूर्ण करवाते थे। पीटीओ वीके आनंद ने बताया कि बस मालिक विमल आए थे। आरआई के न होने से कुछ देर बाद चले गए।
बस में भेजा जाने वाला सामान लोडर से पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में एक मिनी बस व लोडर में प्रतिदिन आठ हजार रुपये का खर्चा आ रहा है। विमल ने इन बिंदुओं पर पीटीओ से वार्ता की। उसकी कई बसों की फिटनेस भी खत्म हो गई है। वहीं छह बसों की लंबाई 12 मीटर से अधिक है।
उनकी फिटनेस करने से आरआई जीवन कुमार ने पहले ही मना कर दिया था। विमल के आफिस पहुंचते ही कई दलाल भी सक्रिय हो गए जो पहले भी उसकी बसों की पत्रावलियां पूर्ण करवाते थे। पीटीओ वीके आनंद ने बताया कि बस मालिक विमल आए थे। आरआई के न होने से कुछ देर बाद चले गए।