{"_id":"5eef9a8f2bf6d12b173bd93d","slug":"accused-of-changing-newborns-uproar-in-chc-hamirpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"हमीरपुर: नवजात बच्चियों के बदलने का आरोप, सीएचसी में तीन घंटे तक चले हंगामे से रही अफरातफरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हमीरपुर: नवजात बच्चियों के बदलने का आरोप, सीएचसी में तीन घंटे तक चले हंगामे से रही अफरातफरी
Sun, 21 Jun 2020 11:08 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 21 Jun 2020 11:08 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर जिले के राठ सीएचसी में प्रसूता के परिजनों ने नवजात बच्ची बदलने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सीएचसी स्टाफ व मौके पर मौजूद लोगों के समझाने पर मामला शांत हुआ। इस दौरान करीब तीन घंटे तक हंगामा चलता रहा।
कोतवाली क्षेत्र के पथनौड़ी निवासी सुनीता पत्नी पर्वत सिंह ने बताया बहू पूनम (26) पत्नी राजेश कुमार को शनिवार शाम सीएचसी में भर्ती कराया था। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पुत्री हुई। 10 मिनट बाद पुरैनी गांव की गीता पत्नी देवेंद्र ने भी बच्ची को जन्म दिया।
स्टाफ ने दोनों बच्चियों का वजन करने के बाद उन्हें गर्मी देने के लिए मशीन में लिटा दिया। पथनौड़ी की आशा कार्यकर्ता ने एक बच्ची को उठाकर पूनम के पास लिटा दिया। पुरैनी की गीता के परिजन दूसरी बच्ची को उठा लाए। इस पर प्रसूता गीता ने बच्ची को देखकर बताया यह उसकी बेटी नहीं है।
विज्ञापन
जानकारी होने पर सीएचसी स्टाफ ने बच्चियों के वजन के अनुसार उन्हें सौंप दिया। यह देख सुनीता व उसके परिजनों ने बच्ची बदलने का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ। अस्पताल में मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
इसके बाद पूनम के परिजन नवजात बच्ची को उपचार के लिए प्राइवेट अस्पताल ले गए। अधीक्षक डॉ. आरके कटियार ने कहा बच्चियों के कपड़े बदलने पर विवाद हुआ था। परिजनों को समझा दिया गया है।
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के पथनौड़ी निवासी सुनीता पत्नी पर्वत सिंह ने बताया बहू पूनम (26) पत्नी राजेश कुमार को शनिवार शाम सीएचसी में भर्ती कराया था। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पुत्री हुई। 10 मिनट बाद पुरैनी गांव की गीता पत्नी देवेंद्र ने भी बच्ची को जन्म दिया।
विज्ञापन
स्टाफ ने दोनों बच्चियों का वजन करने के बाद उन्हें गर्मी देने के लिए मशीन में लिटा दिया। पथनौड़ी की आशा कार्यकर्ता ने एक बच्ची को उठाकर पूनम के पास लिटा दिया। पुरैनी की गीता के परिजन दूसरी बच्ची को उठा लाए। इस पर प्रसूता गीता ने बच्ची को देखकर बताया यह उसकी बेटी नहीं है।
विज्ञापन
जानकारी होने पर सीएचसी स्टाफ ने बच्चियों के वजन के अनुसार उन्हें सौंप दिया। यह देख सुनीता व उसके परिजनों ने बच्ची बदलने का आरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे तक दोनों पक्षों में जमकर विवाद हुआ। अस्पताल में मौजूद लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया।
इसके बाद पूनम के परिजन नवजात बच्ची को उपचार के लिए प्राइवेट अस्पताल ले गए। अधीक्षक डॉ. आरके कटियार ने कहा बच्चियों के कपड़े बदलने पर विवाद हुआ था। परिजनों को समझा दिया गया है।