{"_id":"614f3c989351361e9d690b61","slug":"accused-in-bikru-case-khushi-shifted-to-maati-jail","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: बिकरू कांड में आरोपी खुशी माती जेल में शिफ्ट, बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह से कड़ी सुरक्षा में लाया गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: बिकरू कांड में आरोपी खुशी माती जेल में शिफ्ट, बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह से कड़ी सुरक्षा में लाया गया
Sat, 25 Sep 2021 08:44 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 25 Sep 2021 08:44 PM IST
सार
बिकरू कांड में कुख्यात आरोपियों के साथ नाबालिग खुशी दुबे को भी पुलिस ने गंभीर धाराओं में आरोपी बनाया था, जबकि दो दिन पहले ही खुशी विकास दुबे के करीबी अमर दुबे के साथ शादी करके बिकरू पहुंची थी।
विज्ञापन
आरोपी खुशी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिकरू कांड में मारे गए अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे को शनिवार को माती जेल मेें शिफ्ट कर दिया गया। बालिग होने की पुष्टि पर खुशी को बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह से कड़ी सुरक्षा में लाया गया। कानपुर के बिकरू गांव में पिछले साल दो जुलाई को कुख्यात विकास दुबे व उसके साथियों ने सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों को गोलियों से छलनी कर दिया था।
बिकरू कांड में कुख्यात आरोपियों के साथ नाबालिग खुशी दुबे को भी पुलिस ने गंभीर धाराओं में आरोपी बनाया था, जबकि दो दिन पहले ही खुशी विकास दुबे के करीबी अमर दुबे के साथ शादी करके बिकरू पहुंची थी। अभिलेखों के अनुसार, किशोर न्याय बोर्ड ने उसे नाबालिग मानते हुए बाराबंकी बाल संरक्षण गृह में रखने के आदेश दिए थे।
खुशी को सुनवाई के लिए हर तारीख पर माती किशोर न्याय बोर्ड लाया जाता था। खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि बालिग होने की पुष्टि पर खुशी दुबे ने माती जेल मेें शिफ्ट करने का प्रार्थना पत्र किशोर न्याय बोर्ड में दिया था।
विज्ञापन
जिस पर बोर्ड ने उसे माती जेल में शिफ्ट करने का आदेश गुरुवार को दिया था। शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस खुशी को बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह से लेकर माती जेल पहुंची। जेलर कुश कुमार ने बताया कि जेल में ही मेडिकल कराने के बाद खुशी दुबे को महिला बैरक में रखा गया है।
विज्ञापन
बिकरू कांड में कुख्यात आरोपियों के साथ नाबालिग खुशी दुबे को भी पुलिस ने गंभीर धाराओं में आरोपी बनाया था, जबकि दो दिन पहले ही खुशी विकास दुबे के करीबी अमर दुबे के साथ शादी करके बिकरू पहुंची थी। अभिलेखों के अनुसार, किशोर न्याय बोर्ड ने उसे नाबालिग मानते हुए बाराबंकी बाल संरक्षण गृह में रखने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
खुशी को सुनवाई के लिए हर तारीख पर माती किशोर न्याय बोर्ड लाया जाता था। खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि बालिग होने की पुष्टि पर खुशी दुबे ने माती जेल मेें शिफ्ट करने का प्रार्थना पत्र किशोर न्याय बोर्ड में दिया था।
विज्ञापन
जिस पर बोर्ड ने उसे माती जेल में शिफ्ट करने का आदेश गुरुवार को दिया था। शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस खुशी को बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह से लेकर माती जेल पहुंची। जेलर कुश कुमार ने बताया कि जेल में ही मेडिकल कराने के बाद खुशी दुबे को महिला बैरक में रखा गया है।
जेल पहुंचते ही खुशी की हुई कोविड जांच
बिकरू कांड मेें आरोपी खुशी दुबे को बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह से माती जेल मेें शिफ्ट करने की जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी गई। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस वाहन से उसे सीधे जेल के अंदर ले जाया गया। इसके बाद खुशी की किट से कोविड जांच की गई। सैंपल निगेटिव आने के बाद उसे महिला बैरक में शिफ्ट किया गया।
पहले भी दो महीने खुशी का ठिकाना रही महिला बैरक
खुशी दुबे को घटना के बाद गिरफ्तार कर माती जेल की महिला बैरक मेें दो महीने तक रखा गया था, लेकिन किशोर न्याय बोर्ड से नाबालिग होने की पुष्टि के बाद उसे बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया। बालिग होने पर खुशी का ठिकाना फिर से महिला बैरक बन गया है।
बिकरू कांड मेें आरोपी खुशी दुबे को बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह से माती जेल मेें शिफ्ट करने की जानकारी पूरी तरह से गोपनीय रखी गई। कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस वाहन से उसे सीधे जेल के अंदर ले जाया गया। इसके बाद खुशी की किट से कोविड जांच की गई। सैंपल निगेटिव आने के बाद उसे महिला बैरक में शिफ्ट किया गया।
पहले भी दो महीने खुशी का ठिकाना रही महिला बैरक
खुशी दुबे को घटना के बाद गिरफ्तार कर माती जेल की महिला बैरक मेें दो महीने तक रखा गया था, लेकिन किशोर न्याय बोर्ड से नाबालिग होने की पुष्टि के बाद उसे बाराबंकी के बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया। बालिग होने पर खुशी का ठिकाना फिर से महिला बैरक बन गया है।