इटावा। विक्रमशिला एक्सप्रेस ट्रेन में आतंकवादी व बम होने की फर्जी सूचना देने वाला बहुत शातिर है। वह जीआरपी को फोन करने के बाद हर 10 से 15 मिनट में मोबाइल फोन को आन-ऑफ करने लगा। इससे उसकी लोकेशन हर बार चेंज होती रही। इटावा आरपीएफ व जीआरपी सरायभूपत व जसवंतनगर रेलवे स्टेशन पर उसको ट्रेस करते रहे लेकिन वह नहीं मिला। बाद में अलीगढ़ टीम ने आरोपी को पकड़ लिया।
इटावा के आरपीएफ निरीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम मोनू उर्फ रामनरेश निवासी एच- 22 जेजे काॅलोनी, घेबरा, पश्चिम दिल्ली बताया है। उसने वह अपने मोबाइल से इधर-उधर फोन मिला रहा था। तभी उसके हाथ इटावा के जीआरपी थाने का नंबर लगा। पहले तो उसने मिस कॉल की। फिर नंबर डायल कर ट्रेन में आतंकवादी व बम होने की सूचना दे दी। पकड़े जाने के डर से उसने अपना फोन बंद कर लिया। आरपीएफ निरीक्षक ने बताया कि उनकी व सरायभूपत व जसवंतनगर की जीआरपी टीम आरोपी की तलाश में पहुंची थी लेकिन कुछ देर बाद उसकी मोबाइल फिर से बंद हो गया। इस दौरान वह लोग इधर-उधर उसे ढूंढते रहे लेकिन सफल नहीं हो सके। उन्होंने बताया कि पकड़ा गया आरोपी बहुत ही शातिर है। वह जानबूझ कर फोन को बार-बार ऑन-ऑफ कर रहा था, जिससे वह पकड़ा न जाए लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। आरपीएफ ने बताया कि इस मामले में अलीगढ़ आरपीएफ व जीआरपी की टीम कार्रवाई कर रही है। उसके खिलाफ अलीगढ़ में ही मामला दर्ज किया गया है।