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आरती शर्मा हत्याकांड: शूटरों के झांसे में आकर उलझ गई पुलिस, गच्चा दे फरार हो गए
Sun, 23 May 2021 09:01 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 23 May 2021 09:01 AM IST
सार
आरती शर्मा हत्याकांड में खुलासे के बाद भी हत्यारोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पांच दिन बाद भी पुलिस शूटरों को गिरफ्तार नहीं कर सकी।
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आरती शर्मा की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कानपुर में महिला उद्यमी आरती शर्मा हत्याकांड में पुलिस पांच दिन बाद भी शूटरों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस शूटरों के झांसे में आ गई। शूटर आसानी से फरार हो गए। अब उनकी नई लोकेशन तक पुलिस के पास नहीं है।
टीम प्रतापगढ़ व उसके आसपास ही खाक छान रही है। बिधनू-किसान नगर मार्ग पर करसुई पुल के पास 18 मई की शाम को आरती शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरती के पति श्याम शरण ने दो शूटरों शाहरुख और रिंकू उर्फ भोलू को सुपारी देकर हत्या कराई थी।
सुपारी 3 लाख 20 हजार रुपये में दी थी, जिसमें एक लाख 40 हजार रुपये शूटरों को दिए जा चुके हैं। तब से पुलिस शूटरों की तलाश कर रही है। शूटरों की आखिरी लोकेशन प्रतापगढ़ में ट्रेस हुई थी। जब पुलिस वहां पहुंची तो शूटर नहीं मिले।
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अब पूछताछ में श्याम शरण ने बताया कि साजिश के तहत शूटरों ने खेल किया है। पहले से तय किया गया था कि वारदात को अंजाम देने के बाद वो प्रतापगढ़ जाएंगे। यहां पर वो कुछ देर के लिए मोबाइल ऑन करेंगे और फिर बंद कर देंगे।
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टीम प्रतापगढ़ व उसके आसपास ही खाक छान रही है। बिधनू-किसान नगर मार्ग पर करसुई पुल के पास 18 मई की शाम को आरती शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि आरती के पति श्याम शरण ने दो शूटरों शाहरुख और रिंकू उर्फ भोलू को सुपारी देकर हत्या कराई थी।
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सुपारी 3 लाख 20 हजार रुपये में दी थी, जिसमें एक लाख 40 हजार रुपये शूटरों को दिए जा चुके हैं। तब से पुलिस शूटरों की तलाश कर रही है। शूटरों की आखिरी लोकेशन प्रतापगढ़ में ट्रेस हुई थी। जब पुलिस वहां पहुंची तो शूटर नहीं मिले।
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अब पूछताछ में श्याम शरण ने बताया कि साजिश के तहत शूटरों ने खेल किया है। पहले से तय किया गया था कि वारदात को अंजाम देने के बाद वो प्रतापगढ़ जाएंगे। यहां पर वो कुछ देर के लिए मोबाइल ऑन करेंगे और फिर बंद कर देंगे।
इससे पुलिस का पूरा ध्यान वहीं पर चला गया। जबकि शूटर वहां से पहले ही फरार हो चुके हैं। अब उनकी लोकेशन कहां है या पुलिस को नहीं पता। अब उनके परिचितों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने कई नंबरों की सीडीआर और जिस नंबर से आरती को फोन किया गया था उसका पूरा विवरण मांगा है। पुलिस को ये भी पता चला है कि वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर शहर में करीब एक घंटे तक घूमते रहे थे। उसके बाद प्रतापगढ़ रवाना हुए थे।
कॉल रिकॉर्डिंग में घरेलू कलह के मिले साक्ष्य
पुलिस को श्याम शरण के मोबाइल से तमाम कॉल रिकॉर्डिंग मिली हैं। इसमें आरती से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी शामिल है। एक दो रिकॉर्डिंग में वो आरती पर आरोप लगाता है कि सार्वजनिक तौर पर वो उसको बेइज्जत करती है। ये ठीक नहीं है। जो कहना है घर के भीतर कहा करो। रिकॉर्डिंग में दोनों के बीच कहासुनी भी कैद है।
पुलिस ने कई नंबरों की सीडीआर और जिस नंबर से आरती को फोन किया गया था उसका पूरा विवरण मांगा है। पुलिस को ये भी पता चला है कि वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर शहर में करीब एक घंटे तक घूमते रहे थे। उसके बाद प्रतापगढ़ रवाना हुए थे।
कॉल रिकॉर्डिंग में घरेलू कलह के मिले साक्ष्य
पुलिस को श्याम शरण के मोबाइल से तमाम कॉल रिकॉर्डिंग मिली हैं। इसमें आरती से बातचीत की रिकॉर्डिंग भी शामिल है। एक दो रिकॉर्डिंग में वो आरती पर आरोप लगाता है कि सार्वजनिक तौर पर वो उसको बेइज्जत करती है। ये ठीक नहीं है। जो कहना है घर के भीतर कहा करो। रिकॉर्डिंग में दोनों के बीच कहासुनी भी कैद है।