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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   A special community lives in the five hands of the new road in Kanpur, some Hindu families are in the Chandeshwar gate itself

Kanpur Violence: नई सड़क के पांच हातों में रहता है विशेष समुदाय, चंद्रेश्वर हाते में ही हैं कुछ हिंदू परिवार

Wed, 08 Jun 2022 09:55 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 08 Jun 2022 09:55 AM IST
सार

बेकनगंज थाना क्षेत्र में हुए उपद्रव के मामले में चंद्रेश्वर हाता चर्चाओं में है। इस क्षेत्र में पहले कादरी हाउस, बिशु बाबू का हाता, रामगढ़ का हाता, नूरा का हाता में मिश्रित आबादी रहती थी। लेकिन अब केवल एक समुदाय के लोग रहते हैं। 

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A special community lives in the five hands of the new road in Kanpur, some Hindu families are in the Chandeshwar gate itself
चंद्रेश्वर हाता - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर में नई सड़क के पांच हातों में केवल चंद्रेश्वर हाते में ही करीब 150 हिंदू परिवार बचे हैं। 20 साल पहले यहां 300 परिवार रहते थे। कादरी हाउस, बिशु बाबू का हाता, रामगढ़ का हाता, नूरा का हाता में अब केवल दूसरे समुदाय के ही लोग रहते हैं, जबकि 1990 के पहले तक यहां मिश्रित आबादी रहती थी। चंद्रेश्वर हाते के लोग बताते हैं कि कुछ निजी कारणों से तो कुछ यहां के माहौल से परेशान होकर चले गए।

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लोगों का आरोप है कि इस क्षेत्र में जब कभी भी बवाल होता है, चंद्रेश्वर हाते को जरूर निशाना बनाया जाता है। तीन जून को भी आसपास की इमारतों से हाते में पथराव किया गया। इससे पहले सन 1991 और 1992 के दंगे में भी चंद्रेश्वर हाते में हमला हुआ था। 2001 में हुए दंगे में जब एडीएम सीपी पाठक की हत्या हुई थी, तब भी इस हाते पर हमला हुआ था। इसके बाद 2019 के दंगे में भी दंगाइयों ने यहां घुसने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता के चलते उनके मंसूबे पूरे नहीं हो सके।

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पहले दंगा होने से पूर्व लग जाती थी भनक
चंद्रेश्वर हाते के लोगों ने बताया कि पहले कादरी हाउस, बिशु बाबू का हाता, रामगढ़ का हाता व नूरा का हाता में हर समुदाय के लोग रहते थे। इस कारण बवाल की सूचना पहले ही लग जाती थी। मगर 1990 के बाद से पूरी तरह से इन हातों में सिर्फ एक समुदाय के लोग बचे हैं। चंद्रेश्वर हाते के आसपास के दो किलोमीटर के दायरे में मुस्लिम आबादी सबसे ज्यादा है।

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तीन सालों में तेजी से बनी इमारतें
हाते के लोगों की मानें तो तीन साल में आसपास ऊंची-ऊंची इमारतें बन गई हैं। तंग गलियों में किसी अधिकारियों की निगाह न जाने के कारण धड़ल्ले से अवैध निर्माण कराया जा रहा।

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