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Kanpur: पावर प्लांट लगाने के नाम पर 400 करोड़ रुपये का जमीन घोटाला, पूर्व एडीएम और अन्य के खिलाफ एफआईआर

Wed, 13 May 2026 02:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर Updated Wed, 13 May 2026 02:10 AM IST
सार

मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी भू-अध्याप्ति, उनके कार्यालय के कर्मचारियों, दो कंपनियों और तीन बैंकों के अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी मूसानगर थाने में दर्ज की गई है।

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A scam of about Rs 400 crore was committed in the name of setting up a power plan
demo - फोटो : FREEPIK

विस्तार

भोगनीपुर तहसील के चपरघटा में पावर प्लांट लगाने के नाम पर करीब 300 से 400 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। कंपनियों ने पट्टे पर मिली 7 गांवों की लगभग 2332 एकड़ जमीन पर न पावर प्लांट लगाया और न ही इसका वार्षिक किराया दिया।

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फर्जी दस्तावेजों से बैंकों में जमीन बंधक बना 1500 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया। कर्ज न चुकाने पर एक बैंक ने जमीन की नीलामी की तो पूरा फर्जीवाड़ा प्रकाश में आया। वर्तमान में इस जमीन की कीमत सर्किल रेट के मुताबिक 300 करोड़ रुपये से अधिक है, जबकि बाजार मूल्य इससे भी कहीं अधिक है।
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन ने इस मामले में तत्कालीन अपर जिलाधिकारी भू-अध्याप्ति, उनके कार्यालय के कर्मचारियों, दो कंपनियों और तीन बैंकों के अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी मूसानगर थाने में दर्ज की गई है।
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भोगनीपुर तहसीलदार प्रिया सिंह ने प्राथमिकी में बताया कि वर्ष 2011 में चपरघटा के पास निजी और सरकारी जमीन पर 1320 मेगावाट का पावर प्लांट लगाने के लिए हिमावत पॉवर प्राइवेट लिमिटेड और लैंको अनपरा कंपनी को प्रशासन ने जमीन अधिग्रहीत कर उपलब्ध कराई थी। इसमें ग्राम समाज की भूमि 30 वर्ष के लिए पट्टे पर दी गई थी। कंपनियों ने 2011 के बाद से पट्टे पर दी गई जमीन का वार्षिक किराया भी जमा नहीं किया।

पावर प्रोजेक्ट का निर्माण भी नहीं किया गया। कंपनियों ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। उन्होंने समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए राज्य सरकार की अनुमति के बिना भूमि को बैंकों में बंधक बना दिया। इस तरह से इन कंपनियों ने राज्य सरकार को 300 से 400 करोड़ की क्षति पहुंचाई।

साजिश में ये शामिल
तत्कालीन अपर जिलाधिकारी भू अध्याप्ति कानपुर नगर ओके सिंह, उनके विभाग के कर्मचारी, हिमावत पॉवर प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसीडेंट एम. नरसिंह मूर्ति, लैंको अनपरा पॉवर लिमिटेड के थर्मल पावर प्रोजेक्ट के अधिकारी, कर्मचारी निवासी उद्योग विहार फेज-3 गुरुग्राम हरियाणा, पंजाब नेशनल बैंक शाखा मंडल शस्त केंद्र गुरुग्राम, केनरा बैंक, आईडीबीआई बैंक के अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, साजिश रचने आदि धाराओं में मूसानगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानाध्यक्ष रीना गौतम ने बताया कि प्राथमिकी की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

14 साल में एक साल का दिया किराया
प्राथमिकी में उल्लेख किया है कि यह जमीन स्टेट हाईवे-46 के किनारे की बेशकीमती जमीन है। वर्ष 2011 से अब तक 14 वर्ष गुजर गए। इसके बाद भी दोनों कंपनियों ने प्रशासन को सिर्फ एक बार किराया दिया। किराया जमा करने का कोई साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं किया गया।

एग्रीमेंट शर्तों का किया उल्लंघन
अधिग्रहण के समय एग्रीमेंट की शर्त संख्या-8 में उल्लेख किया गया है कि शर्तों के विरुद्ध बिना राज्य सरकार की अनुमति के भूमि को किसी भी तरह से बंधक, लीज, उपहार आदि नहीं दिया जा सकता है। इसके बाद भी कंपनियों ने बैंक में जमीन बंधक बनाई।


बैंक से नीलामी में अधिक कीमत की भूमि को कम कीमत में नीलाम किए जाने व राजस्व चोरी किए जाने की शिकायत पर जांच चल रही थी। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
- डॉ. प्रिया सिंह, तहसीलदार, भोगनीपुर

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