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सूदखोरी से त्रस्त पैराशूट कर्मी ने दी जान
Kanpur
Updated Sun, 10 Aug 2014 05:30 AM IST
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कानपुर। पैराशूट कर्मी नवल किशोर मिश्र (55) ने शनिवार को फैक्ट्री में जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। बेटे ने पिता की मौत के लिए एक सहकर्मी पर सूदखोरी और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। रेलबाजार पुलिस कार्रवाई के लिए तहरीर का इंतजार कर रही है। इधर, पोस्टमार्टम में जांच के लिए विसरा रखा गया है।
पैराशूट फैक्ट्री में सिलाई कर्मचारी नवल किशोर मिश्र का घर विश्व बैंक बर्रा में है। बेटे शशांक ने बताया कि सुबह लगभग साढ़े सात बजे वह पिता को फैक्ट्री में छोड़कर घर लौटा था। लगभग नौ बजे फैक्ट्री से फोन आया कि पिता ने जहर खा लिया है, रीजेंसी पहुंचो। रीजेंसी से हैलट रिफर कर दिया गया, वहां मौत हो गई। दूसरे बेटे गौरव ने बताया कि पिता ने इलेक्ट्रानिक विभाग के पुरुषोत्तम दास कनोडिया से दो साल पहले सवा दो लाख रुपये उधार लिया था। चार लाख रुपये चुकता कर चुके लेकिन पुरुषोत्तम का कहना है कि अभी तो मूलधन वापस नहीं हुआ। शनिवार को पिता को वेतन का करीब 40 हजार रुपये मिलने वाला था। अभी तक वेतन उन लोगों के हाथ में नहीं आया। उन्हें शक है कि पिता ने प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी की है। उन्होंने सूदखोरी के चलते प्रताड़ना की शिकायत फैक्ट्री के ही एक अफसर से की थी लेकिन उन्होंने टरका दिया। पारिवारिक सूत्रों ने पुलिस को बताया कि करीब दस साल पहले नवल ने अपने हंसपुरम मकान पर पांच लाख रुपये का बैंक लोन लिया था। एक साल वह लापता रहे, बाद में करीब 14 लाख रुपये बैंक को चुकाना पड़ा था। रेलबाजार थानाध्यक्ष मोहम्मद शाहिद सिद्दीकी ने बताया कि बेटे ने अंतिम संस्कार हो जाने के बाद तहरीर देने की बात कही है। पर, उन्होंने मौखिक रूप से सहकर्मी पुरुषोत्तम दास कनोडिया पर सूदखोरी एवं प्रताड़ना का आरोप लगाया है। एक अफसर एवं दो अन्य कर्मचारयिों पर भी आरोप है। छानबीन के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस पारिवारिक कलह के बिंदु पर भी जांच कर रही है।
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पैराशूट फैक्ट्री में सिलाई कर्मचारी नवल किशोर मिश्र का घर विश्व बैंक बर्रा में है। बेटे शशांक ने बताया कि सुबह लगभग साढ़े सात बजे वह पिता को फैक्ट्री में छोड़कर घर लौटा था। लगभग नौ बजे फैक्ट्री से फोन आया कि पिता ने जहर खा लिया है, रीजेंसी पहुंचो। रीजेंसी से हैलट रिफर कर दिया गया, वहां मौत हो गई। दूसरे बेटे गौरव ने बताया कि पिता ने इलेक्ट्रानिक विभाग के पुरुषोत्तम दास कनोडिया से दो साल पहले सवा दो लाख रुपये उधार लिया था। चार लाख रुपये चुकता कर चुके लेकिन पुरुषोत्तम का कहना है कि अभी तो मूलधन वापस नहीं हुआ। शनिवार को पिता को वेतन का करीब 40 हजार रुपये मिलने वाला था। अभी तक वेतन उन लोगों के हाथ में नहीं आया। उन्हें शक है कि पिता ने प्रताड़ना से तंग आकर खुदकुशी की है। उन्होंने सूदखोरी के चलते प्रताड़ना की शिकायत फैक्ट्री के ही एक अफसर से की थी लेकिन उन्होंने टरका दिया। पारिवारिक सूत्रों ने पुलिस को बताया कि करीब दस साल पहले नवल ने अपने हंसपुरम मकान पर पांच लाख रुपये का बैंक लोन लिया था। एक साल वह लापता रहे, बाद में करीब 14 लाख रुपये बैंक को चुकाना पड़ा था। रेलबाजार थानाध्यक्ष मोहम्मद शाहिद सिद्दीकी ने बताया कि बेटे ने अंतिम संस्कार हो जाने के बाद तहरीर देने की बात कही है। पर, उन्होंने मौखिक रूप से सहकर्मी पुरुषोत्तम दास कनोडिया पर सूदखोरी एवं प्रताड़ना का आरोप लगाया है। एक अफसर एवं दो अन्य कर्मचारयिों पर भी आरोप है। छानबीन के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस पारिवारिक कलह के बिंदु पर भी जांच कर रही है।
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