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पत्नी की हत्या में उम्रकैद, जुर्माना
Kanpur
Updated Wed, 04 Jun 2014 05:31 AM IST
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कानपुर। स्पेशल ईसी एक्ट एसके सिंह की कोर्ट ने पत्नी की हत्या में पति को उम्रकैद और 15 हजार रुपये की सजा सुनाई है। अभियुक्त के खिलाफ उसकी बेटी ने कोर्ट में गवाही दी थी।
विश्व बैंक बर्रा निवासी गुलाब सिंह ने घर के पास ही रहने वाले दामाद मुकेश सिंह परिहार मूल निवासी गुजैला घाटमपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उसने बेटी नीरज की शादी मुकेश से 1994 में की थी। जिस मकान में मुकेश रहता था, वह उसकी सास के नाम था। वह यह मकान हड़पना चाहता था। पति की बेरोजगारी के कारण नीरज मधुलोक नर्सिंगहोम में काम करती थी। नीरज मां से यह मकान पति के नाम ट्रांसफर करने का विरोध करती थी। इसी को लेकर मुकेश उसे पीटता था। विवाद होने पर नीरज बेटी मोहनी को लेकर नौ मई 2011 को मायके आ गई। अगले दिन वह नर्सिंगहोम से मायके लौट रही थी। तभी मुकेश ने उसका अपहरण कर हत्या के बाद शव ठिकाने लगा दिया था। गुलाब सिंह ने नीरज की गुमशुदगी की रिपोर्ट नौबस्ता थाने में लिखाई। 16 मई 2011 को नीरज की लाश सीवर हौज में मिली थी। शासकीय अधिवक्ता राजेश्वर तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नीरज का गला दबाकर हत्या की बात सामने आई थी। बेटी मोहनी ने कोर्ट में गवाही दी कि जो बेल्ट पापा पहने थे वह शव के गले पर कसी थी। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर सजा सुनाई।
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विश्व बैंक बर्रा निवासी गुलाब सिंह ने घर के पास ही रहने वाले दामाद मुकेश सिंह परिहार मूल निवासी गुजैला घाटमपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उसने बेटी नीरज की शादी मुकेश से 1994 में की थी। जिस मकान में मुकेश रहता था, वह उसकी सास के नाम था। वह यह मकान हड़पना चाहता था। पति की बेरोजगारी के कारण नीरज मधुलोक नर्सिंगहोम में काम करती थी। नीरज मां से यह मकान पति के नाम ट्रांसफर करने का विरोध करती थी। इसी को लेकर मुकेश उसे पीटता था। विवाद होने पर नीरज बेटी मोहनी को लेकर नौ मई 2011 को मायके आ गई। अगले दिन वह नर्सिंगहोम से मायके लौट रही थी। तभी मुकेश ने उसका अपहरण कर हत्या के बाद शव ठिकाने लगा दिया था। गुलाब सिंह ने नीरज की गुमशुदगी की रिपोर्ट नौबस्ता थाने में लिखाई। 16 मई 2011 को नीरज की लाश सीवर हौज में मिली थी। शासकीय अधिवक्ता राजेश्वर तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नीरज का गला दबाकर हत्या की बात सामने आई थी। बेटी मोहनी ने कोर्ट में गवाही दी कि जो बेल्ट पापा पहने थे वह शव के गले पर कसी थी। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर सजा सुनाई।
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