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अब एआईसीटीई से मिलेगी बीटेक, एमबीए की मान्यता
Kanpur
Updated Tue, 22 Apr 2014 05:31 AM IST
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कानपुर। देश के 10 हजार पुराने इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट कालेजों की मान्यता रिन्यूवल और नए कालेजों की मान्यता अब अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट जस्टिस आरएम लोढ़ा और जस्टिस कूरियन जोसफ ने एआईसीटीई की पावर को बहाल करते हुए 10 दिन के अंदर (27 अप्रैल तक) पुराने कालेजों की मान्यता रिन्यूवल, नए कालेजों की मान्यता प्रक्रिया शुरू करने के अंतरिम आदेश दिए हैं। यह मामला मंगलवार को नई दिल्ली में प्रस्तावित एआईसीटीई काउंसिल की मीटिंग में रखा जाएगा। सत्र 2014-15 की मान्यता प्रक्रिया जल्द ही शुरू करने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल और 18 दिसंबर 2013 को जारी अपने आदेश का ही रिव्यू किया है। इस आदेश से कानपुर नगर के 35 इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट कालेजों को भी राहत मिली है।
यूपी, उत्तराखंड, बिहार के लगभग 1000 और देश के 10 हजार पुराने इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट कालेजों की सत्र 2014-15 की मान्यता रिन्यूवल फंसी है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2013 में एक आदेश जारी करके एआईसीटीई से बीटेक, एमबीए कालेजों की मान्यता, देखरेख का अधिकार छीन लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह काम यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) कर सकता है। इसी आधार पर यूजीसी ने मान्यता का ड्राफ्ट तैयार किया और हर राज्य के प्राविधिक विश्वविद्यालय को मान्यता का अधिकार दे दिया। हालांकि इस ड्राफ्ट का गजट नोटिफिकेशन मानव संसाधन विकास मंत्रालय से नहीं आ सका। इस कारण मान्यता रिन्यूवल, नई मान्यता का काम शुरू नहीं हो सका। इसको लेकर ओडिशा टेक्निकल कालेज एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की विशेष याचिका दाखिल की थी। इस पर 17 अप्रैल को सुनवाई हुई और दो सदस्यीय पीठ ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए इंजीनियरिंग कालेज संचालकों को बड़ी राहत दे दी। पीठ ने कहा कि शैक्षिक सत्र 2014-15 की मान्यता प्रक्रिया 10 दिन के अंदर शुरू किया जाए। इसका अनुपालन कराने में एआईसीटीई की टीम जुट गई है। आदेश मिलने की पुष्टि चेयरमैन प्रो. एसएस मंथा ने भी की है। चेयरमैन ने कहा है कि मंगलवार को काउंसिल में चर्चा के बाद मान्यता रिन्यूवल, नए मान्यता के शेड्यूल जारी कर दिए जाएंगे।
यूपी, उत्तराखंड, बिहार के लगभग 1000 और देश के 10 हजार पुराने इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट कालेजों की सत्र 2014-15 की मान्यता रिन्यूवल फंसी है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2013 में एक आदेश जारी करके एआईसीटीई से बीटेक, एमबीए कालेजों की मान्यता, देखरेख का अधिकार छीन लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यह काम यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) कर सकता है। इसी आधार पर यूजीसी ने मान्यता का ड्राफ्ट तैयार किया और हर राज्य के प्राविधिक विश्वविद्यालय को मान्यता का अधिकार दे दिया। हालांकि इस ड्राफ्ट का गजट नोटिफिकेशन मानव संसाधन विकास मंत्रालय से नहीं आ सका। इस कारण मान्यता रिन्यूवल, नई मान्यता का काम शुरू नहीं हो सका। इसको लेकर ओडिशा टेक्निकल कालेज एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की विशेष याचिका दाखिल की थी। इस पर 17 अप्रैल को सुनवाई हुई और दो सदस्यीय पीठ ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए इंजीनियरिंग कालेज संचालकों को बड़ी राहत दे दी। पीठ ने कहा कि शैक्षिक सत्र 2014-15 की मान्यता प्रक्रिया 10 दिन के अंदर शुरू किया जाए। इसका अनुपालन कराने में एआईसीटीई की टीम जुट गई है। आदेश मिलने की पुष्टि चेयरमैन प्रो. एसएस मंथा ने भी की है। चेयरमैन ने कहा है कि मंगलवार को काउंसिल में चर्चा के बाद मान्यता रिन्यूवल, नए मान्यता के शेड्यूल जारी कर दिए जाएंगे।
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