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छेड़खानी से त्रस्त छात्रा का शव लटका मिला
Kanpur
Updated Thu, 14 Feb 2013 05:31 AM IST
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कानपुर। बिधनू के कढरी चंपतपुर गांव में बुधवार दोपहर घर में अकेली एमए की छात्रा का शव घर में संदिग्ध हालात में फांसी से लटका मिला। घर के सभी दरवाजे खुले होने पर परिजनों ने छात्रा को मारकर लटकाने की आशंका जताई है। छात्रा की बहनों का आरोप है कि वह पड़ोस में रहने वाले लड़कों की छेड़खानी से बेहद परेशान थी। शोहदों की वजह से ही वह घर छोड़कर बड़ी बहन के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। बहनों का आरोप है कि शोहदों ने ही बहन को मारकर लटकाया। वहीं बिधनू पुलिस का कहना है कि छात्रा ने आर्थिक तंगी के चलते सुसाइड किया है।
गांव निवासी किसान कौशल किशोर मंगलवार को कानपुर गए थे और उनकी पत्नी साधना आंगनबाड़ी में नौकरी करने गई थीं। पड़ोसी महिला मंजू ने बताया कि बुधवार दोपहर उसने घर का मुख्य दरवाजा बंद देखा तो शक हुआ। पास-पड़ोस के लोगों की मदद से दरवाजा खोलकर जब भीड़ अंदर घुसी तो सामने कमरे में कौशल की चौथे नंबर की बेटी 23 वर्षीय गौरीशा का शव कुंडे से दुपट्टे के फंदे से झूल रहा था। जबकि ऊपर सीढ़ियों से छत को जाने वाले रास्ते का दरवाजा बाहर की ओर से बंद था। बाद में सूचना पाकर मां साधना और पिता भी आ गए। माता-पिता ने बताया कि बीते साल मई में पड़ोस के युवकों पारुल, छक्कन और अवध से गौरीशा की हैंडपंप पर पानी भरते वक्त छेड़खानी को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद इन लड़कों ने घर में घुसकर गौरीशा और उसकी मां को पीटा था। उस वक्त पुलिस ने कौशल की ओर से आरोपियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया था। इसके बाद आरोपियों ने भी पेशबंदी में कोर्ट के आदेश से कौशल और उनके परिवार वालों के खिलाफ धारा 308 का मामला दर्ज कराया था। परिजनों का आरोप है कि उसके बाद से ये लड़के गौरीशा को परेशान कर रहे थे। शोहदों से परेशान होकर गौरीशा और उसकी छोटी बहन क्षमा को उनकी बड़ी बहन दिव्या की ससुराल मंगला बिहार रहने के लिए भेज दिया गया था। दो दिन पहले ही गौरीशा गांव आई थी। छोटी बहन क्षमा ने फोन पर बताया घर का मुख्य दरवाजा भी भीतर से ठीक से बंद नहीं था, थोड़ा धक्का देने पर ही वह खुल गया। घर के सभी कमरे अक्सर बंद ही रहते थे, लेकिन जब दीदी का शव कमरे में देखा गया तो घर के सारे कमरों के दरवाजे खुले पड़े थे। इससे साफ है कि घर में कोई आया। बड़ी बहन दिव्या ने भी शोहदों पर ही मारकर शव लटकाने का शक जताया।
फिलहाल आर्थिक तंगी के चलते सुसाइड की बात सामने आ रही है, यदि कोई और कारण हैं तो उनका भी पता लगाया जाएगा।
जेपी सिंह, सीओ घाटमपुर
परिजनों ने जो तहरीर दी है, उसमें सिर्फ आर्थिक तंगी के चलते सुसाइड की बात कही गई है। हो सकता है कि शादी न होने की वजह से छात्रा ने फांसी लगाई हो। पोस्टमार्टम से सब स्पष्ट हो जाएगा।
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रणजीत सिंह थानाध्यक्ष, बिधनू
इस बारे में थाने से कोई जानकारी ही नहीं दी गई। पता कर रहा हूं।
मनोज सोनकर, एसपी (ग्रामीण)
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गांव निवासी किसान कौशल किशोर मंगलवार को कानपुर गए थे और उनकी पत्नी साधना आंगनबाड़ी में नौकरी करने गई थीं। पड़ोसी महिला मंजू ने बताया कि बुधवार दोपहर उसने घर का मुख्य दरवाजा बंद देखा तो शक हुआ। पास-पड़ोस के लोगों की मदद से दरवाजा खोलकर जब भीड़ अंदर घुसी तो सामने कमरे में कौशल की चौथे नंबर की बेटी 23 वर्षीय गौरीशा का शव कुंडे से दुपट्टे के फंदे से झूल रहा था। जबकि ऊपर सीढ़ियों से छत को जाने वाले रास्ते का दरवाजा बाहर की ओर से बंद था। बाद में सूचना पाकर मां साधना और पिता भी आ गए। माता-पिता ने बताया कि बीते साल मई में पड़ोस के युवकों पारुल, छक्कन और अवध से गौरीशा की हैंडपंप पर पानी भरते वक्त छेड़खानी को लेकर कहासुनी हुई थी। इसके बाद इन लड़कों ने घर में घुसकर गौरीशा और उसकी मां को पीटा था। उस वक्त पुलिस ने कौशल की ओर से आरोपियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया था। इसके बाद आरोपियों ने भी पेशबंदी में कोर्ट के आदेश से कौशल और उनके परिवार वालों के खिलाफ धारा 308 का मामला दर्ज कराया था। परिजनों का आरोप है कि उसके बाद से ये लड़के गौरीशा को परेशान कर रहे थे। शोहदों से परेशान होकर गौरीशा और उसकी छोटी बहन क्षमा को उनकी बड़ी बहन दिव्या की ससुराल मंगला बिहार रहने के लिए भेज दिया गया था। दो दिन पहले ही गौरीशा गांव आई थी। छोटी बहन क्षमा ने फोन पर बताया घर का मुख्य दरवाजा भी भीतर से ठीक से बंद नहीं था, थोड़ा धक्का देने पर ही वह खुल गया। घर के सभी कमरे अक्सर बंद ही रहते थे, लेकिन जब दीदी का शव कमरे में देखा गया तो घर के सारे कमरों के दरवाजे खुले पड़े थे। इससे साफ है कि घर में कोई आया। बड़ी बहन दिव्या ने भी शोहदों पर ही मारकर शव लटकाने का शक जताया।
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फिलहाल आर्थिक तंगी के चलते सुसाइड की बात सामने आ रही है, यदि कोई और कारण हैं तो उनका भी पता लगाया जाएगा।
जेपी सिंह, सीओ घाटमपुर
परिजनों ने जो तहरीर दी है, उसमें सिर्फ आर्थिक तंगी के चलते सुसाइड की बात कही गई है। हो सकता है कि शादी न होने की वजह से छात्रा ने फांसी लगाई हो। पोस्टमार्टम से सब स्पष्ट हो जाएगा।
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रणजीत सिंह थानाध्यक्ष, बिधनू
इस बारे में थाने से कोई जानकारी ही नहीं दी गई। पता कर रहा हूं।
मनोज सोनकर, एसपी (ग्रामीण)