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Kanpur News: 99.51 फीसदी आयुध कर्मचारियों ने चुना सरकारी सेवा का विकल्प

Tue, 20 Oct 2026 02:05 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2026 02:05 AM IST
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99.51 percent of ordnance employees opted for government service.
कानपुर। शहर समेत देशभर की 41 आयुध निर्माणियों के 99.51 फीसदी कर्मचारियों ने सेवानिवृत्ति तक केंद्र सरकार की सेवा में बने रहने का विकल्प चुना है। कुल 59,318 कर्मचारियों में से 59,033 ने सरकारी कर्मचारी बने रहने का फैसला किया जबकि 123 कर्मचारियों ने रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) में स्थायी रूप से शामिल होने का विकल्प दिया। वहीं, 92 कर्मचारियों ने अपना विकल्प प्रस्तुत नहीं किया।
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ऑल इंडिया डिफेंस इंप्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सौरभ सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार ने पूर्ववर्ती आयुध निर्माणी बोर्ड का निगमीकरण कर सात रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का गठन किया था। फेडरेशन ने इस निर्णय को चेन्नई हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट में सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद 15 जून, 2026 को अधिसूचना जारी हुई जिसमें कर्मचारियों को सरकारी सेवा में बने रहने या रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में शामिल होने का विकल्प दिया गया।
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सौरभ सिंह चौहान ने कहा कि कर्मचारियों के रुझान से स्पष्ट है कि अधिकांश कर्मचारी सरकारी सेवा में ही बने रहना चाहते हैं। फेडरेशन ने केंद्र सरकार से निगमीकरण के निर्णय पर पुनर्विचार करने और पर्याप्त अधिकारों व बजटीय सहायता के साथ आयुध निर्माणी बोर्ड को सरकारी विभाग के रूप में पुनर्जीवित करने की मांग की है। इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्तियों पर लगे प्रतिबंध को हटाने की भी मांग उठाई है।
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