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रिश्वत का आरोप लगाकर नर्स ने किया हंगामा
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कानपुर देहात। हवासपुर पीएचसी की नर्स ने अनुपस्थिति दर्ज करने पर गुरुवार को सीएमओ कार्यालय में हंगामा कर दिया। उसने पीएचसी प्रभारी व सीएमओ कार्यालय के बाबू पर रिश्वत मांगने का आरोप भी लगाया। सीएमओ ने नर्स व डॉक्टर से बैठाकर जवाब तलब किया। नर्स को पीएचसी से रिलीव कर दिया गया है, उसे दूसरे अस्पताल संबद्ध किया जाएगा।
हवासपुर पीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स शशि छह फरवरी को सहारनपुर से स्थानांतरित होकर आई हैं। 8 फरवरी को उसने सीएचसी में योगदान आख्या दी और सहारनपुर से सामान लाने के लिए एक सप्ताह के अवकाश पर चली गई। वहां से लौटने पर दादी सास का देहांत होने पर रायबरेली चली गईं। नर्स शशि ने गुरुवार को सीएमओ कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। शोर सुनकर कक्षों से निकलकर कर्मचारी भी पहुंच गए। करीब 30 मिनट तक हंगामा चलता रहा। नर्स का आरोप था कि अवकाश लेने के बावजूद पीएचसी प्रभारी डा. सिद्धार्थ वर्मा ने अनुपस्थित दर्ज कर दिया। उसे परिसर में रहने के लिए रूम भी नहीं दिया। नर्स ने आरोप लगाया कि डॉ. सिद्धार्थ उपस्थिति दर्ज करने व पीएचसी परिसर में रूम देने के लिए एवज में 50 हजार रुपये की मांग रहे थे, विरोध करने पर गुरुवार को पीएचसी से रिलीव कर दिया। नर्स ने सीएमओ दफ्तर के बाबू पर भी ज्वाइनिंग के दौरान सीएमओ को चढ़ावा देने के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाया। इस पर बाबू से नर्स की कहासुनी होने लगी। ये देख भीड़ इकट्ठा हो गए। इसी बीच डा. सिद्धार्थ भी पहुंच गए। एसीएमओ डा. वीपी सिंह ने स्टाफ नर्स को शांत कराया। इसके बाद सीएमओ डा. हीरा सिंह ने नर्स व डा. सिद्धार्थ से जानकारी ली। डॉक्टर का कहना था कि ड्यूटी पर न आने पर अनुपस्थिति दर्ज की थी, नर्स बेवजह आरोप लगा रही है। सीएमओ ने कहा कि नर्स ने 33 दिन में सिर्फ 9 ड्यूटी की है। नाइट ड्यूटी से भी मना कर दिया था। उसे अन्य अस्पताल में संबद्ध किया जाएगा।
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हवासपुर पीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स शशि छह फरवरी को सहारनपुर से स्थानांतरित होकर आई हैं। 8 फरवरी को उसने सीएचसी में योगदान आख्या दी और सहारनपुर से सामान लाने के लिए एक सप्ताह के अवकाश पर चली गई। वहां से लौटने पर दादी सास का देहांत होने पर रायबरेली चली गईं। नर्स शशि ने गुरुवार को सीएमओ कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। शोर सुनकर कक्षों से निकलकर कर्मचारी भी पहुंच गए। करीब 30 मिनट तक हंगामा चलता रहा। नर्स का आरोप था कि अवकाश लेने के बावजूद पीएचसी प्रभारी डा. सिद्धार्थ वर्मा ने अनुपस्थित दर्ज कर दिया। उसे परिसर में रहने के लिए रूम भी नहीं दिया। नर्स ने आरोप लगाया कि डॉ. सिद्धार्थ उपस्थिति दर्ज करने व पीएचसी परिसर में रूम देने के लिए एवज में 50 हजार रुपये की मांग रहे थे, विरोध करने पर गुरुवार को पीएचसी से रिलीव कर दिया। नर्स ने सीएमओ दफ्तर के बाबू पर भी ज्वाइनिंग के दौरान सीएमओ को चढ़ावा देने के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाया। इस पर बाबू से नर्स की कहासुनी होने लगी। ये देख भीड़ इकट्ठा हो गए। इसी बीच डा. सिद्धार्थ भी पहुंच गए। एसीएमओ डा. वीपी सिंह ने स्टाफ नर्स को शांत कराया। इसके बाद सीएमओ डा. हीरा सिंह ने नर्स व डा. सिद्धार्थ से जानकारी ली। डॉक्टर का कहना था कि ड्यूटी पर न आने पर अनुपस्थिति दर्ज की थी, नर्स बेवजह आरोप लगा रही है। सीएमओ ने कहा कि नर्स ने 33 दिन में सिर्फ 9 ड्यूटी की है। नाइट ड्यूटी से भी मना कर दिया था। उसे अन्य अस्पताल में संबद्ध किया जाएगा।
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