फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   फर्जी वेबसाइट से नौकरी का झांसा देने वाले दबोचे गए

फर्जी वेबसाइट से नौकरी का झांसा देने वाले दबोचे गए

Tue, 10 Jul 2018 01:28 AM IST
Updated Tue, 10 Jul 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
फर्जी वेबसाइट से नौकरी का झांसा देने वाले दबोचे गए
कानपुर देहात। फर्जी वेबसाइट के जरिये नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने अकबरपुर के रायपुर से गिरफ्तार किया। गिरोह के तार कई गैर प्रांतों तक जुड़े हैं। उनके सरगनाओं की तलाश शुुरू की गई है। प्राथमिक छानबीन में खुलासा हुआ कि गिरोह ने दर्जन भर लोगों से कुल 26 लाख रुपये की ठगी की है। एसपी राधेश्याम ने बताया कि पकड़े गए तीनों युवकों पर साइबर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को दस हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
विज्ञापन

एसपी ने बताया कि थाना गजनेर के कटेठी निवासी जितेंद्र सिंह ने नौकरी के लिए एक वेबसाइट पर सर्च किया। सर्च करने के बाद जितेंद्र के मोबाइल फोन पर एक काल आई। उसी वेबसाइट पर बैंक में नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन कराया गया। फीस के रूप में 15,800 रुपये एक खाता में जमा करा लिए गए। इसके बाद आवेदन फार्म स्वीकार होने पर 50 हजार रुपये की और मांग की गई। इस पर जितेंद्र को शक हुआ तो उसने इसकी शिकायत पुलिस से की। मामले में एसपी ने स्वाट टीम व सर्विलांस सेल को लगाया। सर्विलांस सेल के अंकित वर्मा ने बैंक के अधिकारियों से बात कर दस्तावेज जुटाए। इसके साथ गिरोह की छानबीन के लिए काम शुरू किया। पुलिस टीम ने रायबरेली, लालगंज के रामपुरे बलराजन गांव निवासी विकास कुमार, सी ब्लॉक लालपुर चांदमरी शिवपुर वाराणसी के अभिषेक, रेवसान कंदवा जिला चंदौली के अमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इनके बैंक खाता नंबरों से सरगनाओं ने लाखों रुपये इधर से उधर किए।
विज्ञापन

एसपी ने बताया कि गिरोह के सरगना दूसरे प्रांतों के हैं। उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि यह अंतरराज्यीय गिरोह है। फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को नौकरी का प्रलोभन देता है। ठगी की रकम लेने के लिए गिरोह के लोग कुछ बेरोजगार नवयुवकों को लालच देकर उनसे बैंकों में खाता खुलवा लेते हैं और उस खाते के अपना मोबाइल नंबर अपने दर्ज कराते हैं। इससेे पूरा खाता अपने मुताबिक संचालित करते रहते हैं। प्राथमिक छानबीन में 26 लाख रुपये धोखाधड़ी किए जाने का खुलासा हुआ है। अभी छानबीन चल रही है। सरगनाओं के तलाश में दबिश दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed