हाजिरी 75 फीसदी नहीं तो छात्रवृत्ति भी नहीं, 50 हजार छात्रों ने किया है आवेदन
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इस बार करीब 50 हजार छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है। समाज कल्याण विभाग हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक, परास्नातक, तकनीकी शिक्षण प्रशिक्षण सहित विभिन्न कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति देता है।
विभाग सभी स्कूल, कॉलेजों और इंस्टीट्यूट से छात्रों के आवेदन मंगवाता है। इसके बाद संबंधित कॉलेज छात्रों की 75 फीसदी उपस्थिति का प्रमाणपत्र भरकर समाज कल्याण विभाग देते हैं। विभाग इस डाटा को निदेशालय भेजता है। वहीं से छात्रवृत्ति की धनराशि छात्र के खाते में भेजी जाती है। इस वर्ष भी इसी मानक को शासन ने लागू किया है जबकि मार्च से स्कूल बंद हो गए थे।
10 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति पर संकट
समाज कल्याण विभाग ने उन कॉलेजों और इंस्टीट्यूटों के आवेदन पत्र वापस कर दिए हैं जिन्होंने उपस्थित प्रमाण पत्र नहीं दिए थे। हालांकि इन स्कूलों की संख्या विभाग ने नहीं बताई है। सूत्रों ने बताया कि करीब 10 हजार छात्रों के उपस्थित प्रमाणपत्र कॉलेज नहीं दे सके हैं।
जिन छात्रों की ऑनलाइन कक्षाओं में उपस्थिति 75 फीसदी होगी, उनको ही छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जाएगा। जिन कॉलेजों ने उपस्थिति प्रमाणपत्र नहीं दिए हैं, उनके आवेदन पत्रों को वापस कर दिया गया है। - अमरजीत सिंह, समाज कल्याण अधिकारी
75 प्रतिशत की उपस्थिति का प्रमाणपत्र हर वर्ष देना पड़ता है। कॉलेज में खुद के सॉफ्टेवयर से पढ़ाई हुई थी, उसी में उपस्थिति का भी डाटा है जो विभाग को भेज दिया गया है। - उदित नारायण, मैनेजिंग डायरेक्टर, नारायना ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस
कोरोना काल में जिन छात्रों की 75 फीसदी उपस्थिति ऑनलाइन कक्षा में हैं, उन्हीं छात्रों ने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया है। जिन छात्रों की उपस्थिति 75 फीसदी नहीं है, उनको इस बार योजना से वंचित रखा गया है।- राहुल सलोनिया, प्रबंधक, नंदरानी कॉलेज