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एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से बढ़ी मुश्किलें, तीन दिन में 73 गर्भवती महिलाओं को नहीं मिली एंबुलेंस
Wed, 25 Sep 2019 08:56 PM IST
शिखा पांडेय
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
यूपी डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 25 Sep 2019 08:56 PM IST
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एंबुलेंस न मिलने से फतेहपुर चौरासी में गर्भवती पत्नी को बाइक से अस्पताल लेकर पहुंचा युवक
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव जिले में चल रही एंबुलेंस चालकों की हड़ताल ने गर्भवती महिलाओं के लिए सबसे अधिक मुश्किलें पैदा कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार तीन दिन में 73 गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिला। गर्भवती महिलाओं को बाइक, ई रिक्शा व ठेलिया से अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
तीन माह से भुगतान न मिलने की वजह से 108 व 102 एंबुलेंस सेवा के चालक हड़ताल पर हैं। 102 एंबुलेंस सेवा में गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल लाने व प्रसव के बाद अस्पताल से घर छोड़ने की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि सोमवार सुबह से शुरू हुई हड़ताल से गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिला।
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तीन माह से भुगतान न मिलने की वजह से 108 व 102 एंबुलेंस सेवा के चालक हड़ताल पर हैं। 102 एंबुलेंस सेवा में गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल लाने व प्रसव के बाद अस्पताल से घर छोड़ने की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि सोमवार सुबह से शुरू हुई हड़ताल से गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिला।
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मंगलवार को औरास में एक युवक पत्नी को बाइक से लेकर अस्पताल पहुंचा था। जहां पत्नी ने मृत बच्ची को जन्म दिया था। बुधवार को फतेहपुरचौरासी के छंगाखेड़ा निवासी हरिश्चंद्र अपनी गर्भवती पत्नी लक्ष्मी (30) को बाइक से अस्पताल लाया। इसी तरह पुरवा के कोडरा निवासी पंकज गर्भवती पत्नी रोशनी को बाइक से लेकर सीएचसी पहुंचा।
वहीं मेदपुर गांव निवासी गीता को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन निजी वाहन से पुरवा सीएचसी लेकर जाते समय रास्ते में ही प्रसव हो गया। आशा कमला सिंह ने प्रसव कराया और अस्पताल पहुंचा। सीएमओ डा. केपी सिंह ने बताया कि एंबुलेंस चालकों की हड़ताल की वजह से गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
वहीं मेदपुर गांव निवासी गीता को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन निजी वाहन से पुरवा सीएचसी लेकर जाते समय रास्ते में ही प्रसव हो गया। आशा कमला सिंह ने प्रसव कराया और अस्पताल पहुंचा। सीएमओ डा. केपी सिंह ने बताया कि एंबुलेंस चालकों की हड़ताल की वजह से गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा है।