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इंजन फेल होने से दो घंटे खड़ी रही जबलपुर एक्सप्रेस
Updated Tue, 11 Dec 2018 01:19 AM IST
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घाटमपुर(कानपुर)। जबलपुर (मध्य प्रदेश) से चलकर लखनऊ जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन का इंजन फेल हो जाने से दो घंटे तक रास्तेे में खड़ी रही। बाद में कानपुर से दूसरा इंजन मंगवाने के बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
सोमवार की सुबह जबलपुर की ओर से लखनऊ जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन सुबह 5.30 बजे भरुआ-सुमेरपुर (हमीरपुर) रेलवे स्टेशन से घाटमपुर की ओर रवाना हुई थी। जैसे ही घाटमपुर क्षेत्र के दपसौरा और हमीरपुर रोड (बरीपाल) स्टेशनों के मध्य पहुंची। तभी अचानक उसके इंजन में खराबी आ जाने से मैधरी गांव के सामने स्थित गेट नंबर 44 के पास खड़ी हो गई। ट्रेन के गार्ड ने इसकी सूचना हमीरपुर रोड (बरीपाल) के स्टेशन मास्टर को दी।
एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में खराबी आने और उसके जंगल में खड़ी हो जाने की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। ट्रैक पर आ रही अन्य ट्रेनों को पीछे ही रोक दिया गया। जबकि, कानपुर से दूसरे इंजन की व्यवस्था की गई। तकरीबन दो घंटे बाद कानपुर से इंजन आया और उसे जोड़ने के बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
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गेटमैन कालीचरन ने बताया कि दूसरा इंजन आने के बाद ट्रेन को यहां से 7.10 बजे आगे के लिए रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन पर सवार यात्री कड़ाके की ठंड में ठिठुरते दिखे। जिस पर पड़ोसी गांव मैधरी और भटपुरवा के लोगों ने ईंधन की व्यवस्था कर अलाव जलाए और उनको सर्दी से बचाया। भटपुरवा गांव निवासी लखन प्रजापति ने बताया कि ट्रेन पर सवार यात्रियों का ठंड के कारण हाल-बेहाल था।
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सोमवार की सुबह जबलपुर की ओर से लखनऊ जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन सुबह 5.30 बजे भरुआ-सुमेरपुर (हमीरपुर) रेलवे स्टेशन से घाटमपुर की ओर रवाना हुई थी। जैसे ही घाटमपुर क्षेत्र के दपसौरा और हमीरपुर रोड (बरीपाल) स्टेशनों के मध्य पहुंची। तभी अचानक उसके इंजन में खराबी आ जाने से मैधरी गांव के सामने स्थित गेट नंबर 44 के पास खड़ी हो गई। ट्रेन के गार्ड ने इसकी सूचना हमीरपुर रोड (बरीपाल) के स्टेशन मास्टर को दी।
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एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में खराबी आने और उसके जंगल में खड़ी हो जाने की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। ट्रैक पर आ रही अन्य ट्रेनों को पीछे ही रोक दिया गया। जबकि, कानपुर से दूसरे इंजन की व्यवस्था की गई। तकरीबन दो घंटे बाद कानपुर से इंजन आया और उसे जोड़ने के बाद ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
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गेटमैन कालीचरन ने बताया कि दूसरा इंजन आने के बाद ट्रेन को यहां से 7.10 बजे आगे के लिए रवाना किया गया। इस दौरान ट्रेन पर सवार यात्री कड़ाके की ठंड में ठिठुरते दिखे। जिस पर पड़ोसी गांव मैधरी और भटपुरवा के लोगों ने ईंधन की व्यवस्था कर अलाव जलाए और उनको सर्दी से बचाया। भटपुरवा गांव निवासी लखन प्रजापति ने बताया कि ट्रेन पर सवार यात्रियों का ठंड के कारण हाल-बेहाल था।