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चिकित्सकों की लापरवाही से 70 सैंपल बर्बाद
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कानपुर देहात। अकबरपुर क्षेत्र में कोरोना जांच के लिए 22 जुलाई को लिए गए 70 सैंपल की शनिवार को रिपोर्ट आई। डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से सभी सैंपल बर्बाद हो गए। अब दोबारा सभी लोगों के फिर से सैंपल लेने होंगे। जानकारी के मुताबिक एक सैंपल की जांच में करीब पांच सौ रुपये का खर्च आता है। ऐसे में लापरवाही के चलते 35 हजार रुपये राजस्व का नुकसान हो गया। अफसरों ने मामले की जांच कराए जाने की बात कही है।
कोरोना की तीसरी संभावित लहर को लेकर जिले में कोरोना जांच के लिए ज्यादा से ज्यादा संदिग्धों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है। इधर, स्वास्थ्य विभाग की टीमें सैंपल लेने के दौरान जमकर लापरवाही कर रहे हैं। 22 जुलाई को एक स्वास्थ्य टीम को अकबरपुर में लोगों के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए थे। टीम शहर के एक मॉल में पहुंची तो वहां अधिकृत कर्मी के बजाए एंबुलेंस कर्मी से सैंपल लेने को कहा गया।
बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। 22 जुलाई को लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट शनिवार को आई। इसमें करीब 70 लोगों का सैंपल रिजेक्ट कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज की ओर से इन लोगों का दोबारा सैंपल लेने के निर्देश दिए गए है।
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विभाग के अफसरों की माने तो एक जांच में करीब पांच सौ रुपये का खर्च आता है। रुपये की बर्बादी न हो इसके लिए जिले में तैनात कर्मियों को बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद लापरवाही की गई। इसकी वजह से करीब 35 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
कार्रवाई के नाम पर दो डॉक्टरों को नोटिस
22 जुलाई को अकबरपुर के एक मॉल में एंबुलेंस चालक की ओर से सैंपल लेने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। कार्रवाई के नाम पर अकबरपुर सीएचसी अधीक्षक की ओर से डॉ. मीना और डॉ. सोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
मामला बेहद गंभीर है। दो डॉक्टरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। सभी अधीक्षकों को सैंपलिंग में लापरवाही न करने के निर्देश जारी किए गए हैं। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ
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कोरोना की तीसरी संभावित लहर को लेकर जिले में कोरोना जांच के लिए ज्यादा से ज्यादा संदिग्धों का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा रहा है। इधर, स्वास्थ्य विभाग की टीमें सैंपल लेने के दौरान जमकर लापरवाही कर रहे हैं। 22 जुलाई को एक स्वास्थ्य टीम को अकबरपुर में लोगों के सैंपल लेने के निर्देश दिए गए थे। टीम शहर के एक मॉल में पहुंची तो वहां अधिकृत कर्मी के बजाए एंबुलेंस कर्मी से सैंपल लेने को कहा गया।
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बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। 22 जुलाई को लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट शनिवार को आई। इसमें करीब 70 लोगों का सैंपल रिजेक्ट कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज की ओर से इन लोगों का दोबारा सैंपल लेने के निर्देश दिए गए है।
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विभाग के अफसरों की माने तो एक जांच में करीब पांच सौ रुपये का खर्च आता है। रुपये की बर्बादी न हो इसके लिए जिले में तैनात कर्मियों को बाकायदा प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद लापरवाही की गई। इसकी वजह से करीब 35 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
कार्रवाई के नाम पर दो डॉक्टरों को नोटिस
22 जुलाई को अकबरपुर के एक मॉल में एंबुलेंस चालक की ओर से सैंपल लेने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। कार्रवाई के नाम पर अकबरपुर सीएचसी अधीक्षक की ओर से डॉ. मीना और डॉ. सोनिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
मामला बेहद गंभीर है। दो डॉक्टरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। सभी अधीक्षकों को सैंपलिंग में लापरवाही न करने के निर्देश जारी किए गए हैं। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ