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कानपुर: कोरोना काल में रोज 68 हजार जीबी डाटा की खपत, वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लासेस ने बढ़ाया आंकड़ा
Sun, 04 Oct 2020 08:18 PM IST
शिखा पांडेय
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 04 Oct 2020 08:18 PM IST
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कोरोना ने हर ट्रेड के कारोबार को भले ही बहुत पीछे ढकेल दिया हो लेकिन दूरसंचार, ब्रांडबैंड कंपनियों के लिए कोरोना मनी मशीन बन गया है। वर्क फ्रॉम होम, बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस और ओवर द टॉप ओटीटी प्लेटफार्म ने इन कंपनियों को मालामाल कर दिया है।
अकेले बीएसएनएल की डाटा खपत 15,500 जीबी प्रतिदिन पहुंच गई है जो पहले औसतन प्रतिदिन 13,500 जीबी थी। जबकि निजी कंपनियों के डाटा की खपत 35 हजार जीबी थी जो अब 50 फीसदी बढ़कर रोज करीब 52,500 जीबी पर पहुंच चुकी है।
इस लिहाज से मौजूदा समय में कानपुर में रोज करीब 68 हजार जीबी डाटा की खपत हो रही है। वहीं, ब्राडबैंड कंपनियां हर महीने 350 ब्राडबैंड कनेक्शन की बिक्री कर रही हैं। पहले हर महीने 200 ब्राडबैंड कनेक्शन की बिक्री होती थी।
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अकेले बीएसएनएल की डाटा खपत 15,500 जीबी प्रतिदिन पहुंच गई है जो पहले औसतन प्रतिदिन 13,500 जीबी थी। जबकि निजी कंपनियों के डाटा की खपत 35 हजार जीबी थी जो अब 50 फीसदी बढ़कर रोज करीब 52,500 जीबी पर पहुंच चुकी है।
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इस लिहाज से मौजूदा समय में कानपुर में रोज करीब 68 हजार जीबी डाटा की खपत हो रही है। वहीं, ब्राडबैंड कंपनियां हर महीने 350 ब्राडबैंड कनेक्शन की बिक्री कर रही हैं। पहले हर महीने 200 ब्राडबैंड कनेक्शन की बिक्री होती थी।
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एक ब्राडबैंड सेवा प्रदाता कंपनी के अधिकारी अली अहमद ने बताया कि शहर में छोटी-बड़ी 12 से अधिक ब्रांडबैंड कंपनियां हैं। इसमें एक सरकारी कंपनी भी शामिल है। कोरोना काल के दौरान इन कंपनियां का कारोबार 40 फीसदी बढ़ा है।
केवल इसी क्षेत्र में दक्ष लोगों को रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। उनके मुताबिक बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस से ब्राडबैंड कंपनियों को सबसे ज्यादा लाभ हुआ। कानपुर नगर में ही अकेले एक हजार से अधिक सरकारी, प्राइवेट शिक्षण और तकनीक संस्थान हैं।
उन्होंने बताया कि औसतन कंपनियां पहले हर महीने 200 ब्राडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराती थी लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 350 से अधिक है। कोरोना काल में इस क्षेत्र ने काफी प्रगति की है। बीएसएनएल के एजीएम पीआर अखिलेश कुमार गौतम का कहना है कि अप्रैल में जहां प्रतिदिन की खपत 13,500 जीबी थी वहीं, सितंबर में यह बढ़कर 15,500 जीबी प्रतिदिन हो गई है।
कानपुर मोबाइल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज वलेचा ने बताया कि कई दूरसंचार और मोबाइल कंपनियों ने डाटा रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि वर्क फ्राम होम, ओटीटी प्लेटफार्म और ऑनलाइन क्लासेज ने डाटा की खपत में कई सौ गुना की बढ़ोतरी की है।
केवल इसी क्षेत्र में दक्ष लोगों को रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। उनके मुताबिक बच्चों की ऑनलाइन क्लासेस से ब्राडबैंड कंपनियों को सबसे ज्यादा लाभ हुआ। कानपुर नगर में ही अकेले एक हजार से अधिक सरकारी, प्राइवेट शिक्षण और तकनीक संस्थान हैं।
उन्होंने बताया कि औसतन कंपनियां पहले हर महीने 200 ब्राडबैंड कनेक्शन उपलब्ध कराती थी लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 350 से अधिक है। कोरोना काल में इस क्षेत्र ने काफी प्रगति की है। बीएसएनएल के एजीएम पीआर अखिलेश कुमार गौतम का कहना है कि अप्रैल में जहां प्रतिदिन की खपत 13,500 जीबी थी वहीं, सितंबर में यह बढ़कर 15,500 जीबी प्रतिदिन हो गई है।
कानपुर मोबाइल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज वलेचा ने बताया कि कई दूरसंचार और मोबाइल कंपनियों ने डाटा रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि वर्क फ्राम होम, ओटीटी प्लेटफार्म और ऑनलाइन क्लासेज ने डाटा की खपत में कई सौ गुना की बढ़ोतरी की है।
रिपोर्ट के मुताबिक ओटीटी पर डाटा की खपत और वीडियो ऑन डिमांड (वीओडी) प्लेटफार्मों पर मार्च 2020 और अप्रैल के दौरान 249% की वृद्धि हुई। मार्च से जुलाई के दौरान यह मांग 947 फीसदी तक बढ़ गई है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर औसतन 70 मिनट प्रति दिन डाटा खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में करीब 60 लाख मोबाइलधारक हैं। इसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों के ग्राहक शामिल हैं।
एक जीबी डाटा का खर्च सात रुपये
रिपोर्ट में बताया गया है कि उपभोक्ता हर महीने औसतन 11 जीबी से ज्यादा डाटा का इस्तेमाल करते हैं। एक जीबी डाटा यूजर्स को करीब 200 गानों की स्ट्रीमिंग या एक घंटे विडियो देखने को सहूलियत देता है। एक जीबी पर कंपनियां औसतन सात रुपये चार्ज करती हैं।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर औसतन 70 मिनट प्रति दिन डाटा खर्च हो रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में करीब 60 लाख मोबाइलधारक हैं। इसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों के ग्राहक शामिल हैं।
एक जीबी डाटा का खर्च सात रुपये
रिपोर्ट में बताया गया है कि उपभोक्ता हर महीने औसतन 11 जीबी से ज्यादा डाटा का इस्तेमाल करते हैं। एक जीबी डाटा यूजर्स को करीब 200 गानों की स्ट्रीमिंग या एक घंटे विडियो देखने को सहूलियत देता है। एक जीबी पर कंपनियां औसतन सात रुपये चार्ज करती हैं।