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टैक्स चोरी में 68.74 लाख का माल व दस्तावेज सीज, कपड़ा छपाई कारखाने पर जीएसटी अधिकारियों का छापा
Fri, 08 Jan 2021 11:58 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 08 Jan 2021 11:58 PM IST
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जीएसटी
- फोटो : pixabay
फर्रुखाबाद में टैक्स चोरी के मामले में शुक्रवार को स्पेशल इन्वेस्टीगेशन ब्रांच (एसआईबी) के ज्वाइंट कमिश्नर ने जीएसटी अधिकारियों के साथ कपड़ा छपाई कारखाने में छापा मारा। प्रपत्रों से सही मिलान न होने पर 68.74 लाख का माल सीज कर दिया गया। अभिलेख कब्जे में लेने के साथ कारखाना मालिक को टैक्स व जुर्माना सहित 12 लाख 64 हजार रुपये जमा करने के निर्देश दिए।
मोहल्ला अंगूरीबाग स्थित कपड़ा छपाई कारखाना एसएस फैशन में एसआईबी के ज्वाइंट कमिश्नर (इटावा) हरीलाल प्रजापति ने डिप्टी कमिश्नर रमाशंकर व स्थानीय जीएसटी अधिकारियों के साथ छापा मारा। कारखाना चलता मिला। करोड़ों का व्यापार होने के बावजूद साढ़े तीन वर्ष से टैक्स जमा नहीं किया गया था। ज्वाइंट कमिश्नर ने टीम के साथ रंगाई मशीन व कपड़ा (दुपट्टा, चादरें आदि) की गोदाम देखी।
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मोहल्ला अंगूरीबाग स्थित कपड़ा छपाई कारखाना एसएस फैशन में एसआईबी के ज्वाइंट कमिश्नर (इटावा) हरीलाल प्रजापति ने डिप्टी कमिश्नर रमाशंकर व स्थानीय जीएसटी अधिकारियों के साथ छापा मारा। कारखाना चलता मिला। करोड़ों का व्यापार होने के बावजूद साढ़े तीन वर्ष से टैक्स जमा नहीं किया गया था। ज्वाइंट कमिश्नर ने टीम के साथ रंगाई मशीन व कपड़ा (दुपट्टा, चादरें आदि) की गोदाम देखी।
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फिर अभिलेखों से मिलान किया तो गड़बड़ी पकड़ी। स्टॉक का सही मिलान न होने पर गोदाम में भरा 68 लाख 74 हजार रुपये का माल सीज कर दिया। कारखाना मालिक जयस साध से पूछताछ के बाद फर्म पर 12 लाख 64 हजार रुपये टैक्स व पेनाल्टी लगाते हुए जमा कराने के निर्देश दिए। ज्वाइंट कमिश्नर हरीलाल प्रजापति ने बताया कि फर्म ने गत वर्ष 15.62 करोड़ की खरीद प्रदर्शित की है।
साढ़े तीन वर्ष से टैक्स जमा न करने, निर्माण प्रक्रिया में मूल्य संवर्धन न करने और आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) अधिक मात्रा में क्लेम करने के मामले में छापा मारा गया है। गोदाम का माल सीज कर दिया गया है। फर्म की तीन एस्टीमेट बुक व कैशबुक सीज कर कब्जे में ले ली गई हैं।
इनसे टैक्स इन्वेस्टीगेशन किया जाएगा। फर्म पर करीब 40 लाख का और टैक्स निकलने की संभावना है। साढ़े तीन वर्ष में करीब 60 करोड़ का कारोबार करने के बावजूद टैक्स नहीं जमा किया गया। कार्रवाई के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर चरन सिंह, अतुल उमराव, अभिषेक मिश्रा, अरविंद यादव, सोनिया शर्मा, साधना मिश्रा, गणेश यादव आदि मौजूद रहे।
साढ़े तीन वर्ष से टैक्स जमा न करने, निर्माण प्रक्रिया में मूल्य संवर्धन न करने और आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) अधिक मात्रा में क्लेम करने के मामले में छापा मारा गया है। गोदाम का माल सीज कर दिया गया है। फर्म की तीन एस्टीमेट बुक व कैशबुक सीज कर कब्जे में ले ली गई हैं।
इनसे टैक्स इन्वेस्टीगेशन किया जाएगा। फर्म पर करीब 40 लाख का और टैक्स निकलने की संभावना है। साढ़े तीन वर्ष में करीब 60 करोड़ का कारोबार करने के बावजूद टैक्स नहीं जमा किया गया। कार्रवाई के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर चरन सिंह, अतुल उमराव, अभिषेक मिश्रा, अरविंद यादव, सोनिया शर्मा, साधना मिश्रा, गणेश यादव आदि मौजूद रहे।