{"_id":"59973b834f1c1bba518b4a30","slug":"61503083395-kanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कब्जा न हटने पर अनशन पर बैठे वृद्ध दंपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कब्जा न हटने पर अनशन पर बैठे वृद्ध दंपति
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। जिला प्रशासन की ओर से शिकायत के बाद भी प्लाट को कब्जामुक्त नहीं कराने से खफा वृद्ध दंपति शुक्रवार को अनशन पर बैठ गए। वृद्ध का कहना है कि सुनवाई होने तक व अनशन पर बैठा रहेगा।
तहसील परिसर में पत्नी के साथ अनशन पर बैठे 75 वर्षीय वृद्ध फफूंद थाना क्षेत्र के ग्राम न्यायामतपुर निवासी श्रीप्रकाश ने बताया कि बीती 3 अगस्त को उसने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा था।
इसमें उसने बताया था कि उसने अभी तक अपने प्लाट का किसी के नाम बैनामा नहीं किया है। कुछ दबंगों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। अब वे धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि वह तहसील दिवस से लेकर थाने तक शिकायती पत्र दे चुका है।
विज्ञापन
लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित ने बताया कि उसने तीन अगस्त को उसने तहसील दिवस में ज्ञापन देकर चेतावनी दी थी कि 15 दिन में न्याय नहीं मिलने पर अनशन पर बैठ जाएगा। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ।
पीड़ित का कहना है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा वह अनशन पर बैठा रहेगा।
विज्ञापन
औरैया। जिला प्रशासन की ओर से शिकायत के बाद भी प्लाट को कब्जामुक्त नहीं कराने से खफा वृद्ध दंपति शुक्रवार को अनशन पर बैठ गए। वृद्ध का कहना है कि सुनवाई होने तक व अनशन पर बैठा रहेगा।
तहसील परिसर में पत्नी के साथ अनशन पर बैठे 75 वर्षीय वृद्ध फफूंद थाना क्षेत्र के ग्राम न्यायामतपुर निवासी श्रीप्रकाश ने बताया कि बीती 3 अगस्त को उसने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा था।
विज्ञापन
इसमें उसने बताया था कि उसने अभी तक अपने प्लाट का किसी के नाम बैनामा नहीं किया है। कुछ दबंगों ने उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। अब वे धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि वह तहसील दिवस से लेकर थाने तक शिकायती पत्र दे चुका है।
विज्ञापन
लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित ने बताया कि उसने तीन अगस्त को उसने तहसील दिवस में ज्ञापन देकर चेतावनी दी थी कि 15 दिन में न्याय नहीं मिलने पर अनशन पर बैठ जाएगा। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ।
पीड़ित का कहना है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा वह अनशन पर बैठा रहेगा।