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गंगा प्रदूषण पर 476 फैक्ट्रियों को नोटिस
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Sat, 28 Mar 2015 03:21 AM IST
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गंगा प्रदूषण को लेकर राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने कानपुर की लगभग 476 औद्योगिक यूनिटों सहित चार राज्यों की 764 यूनिटों और 118 नगर पालिकाओं को नोटिस भेजा है। नोटिस में गंगा प्रदूषण को रोकने के उपायों पर 15 दिन में एक्शन प्लान सौंपने को कहा है।
आवश्यक सूचना न भेजने पर एनएमसीजी कानूनी कार्रवाई के लिए जरूरी कदम उठाएगा। इसके साथ ही इन सभी उद्योगों की वस्तुस्थिति सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के समक्ष पेश करेगा।
नोटिस में सभी निगमों और उद्योगों को संबंधित प्रदेश के राज्य कार्यक्रम प्रबंधन समूह (एसपीएमजी) को सीधे कार्य योजनाएं पेश करने और उनकी एक प्रति एनएमसीजी को देने का निर्देश दिया गया है।
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इसके साथ ही सभी 118 नगर पालिकाओं और नगर निगमों को गंगा में प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक उपकरण लगाने, एसटीपी की संख्या बढ़ाने और इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) स्थापित करने की वास्तविक सीमा को बताने को कहा गया है।
इन 764 औद्योगिक यूनिटों में से सबसे अधिक 687 औद्योगिक यूनिटें उत्तर प्रदेश की हैं। प्रदेश में भी सर्वाधिक प्रदूषित उद्योग कानपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में हैं। इनमें कन्नौज, कानपुर, भदोही, इलाहाबाद, वाराणसी शहरों की औद्योगिक इकाइयों को नोटिस भेजा गया है।
प्रदूषण फैलाने वाली यूनिटों में उत्तर प्रदेश में टेनरी, चीनी, केमिकल, बिहार में ऑटो पार्ट्स, सिल्क, रंगाई और पश्चिम बंगाल में लेदर, केमिकल, फर्टिलाइजर से जुड़ी छोटी इकाइयां शामिल हैं।
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आवश्यक सूचना न भेजने पर एनएमसीजी कानूनी कार्रवाई के लिए जरूरी कदम उठाएगा। इसके साथ ही इन सभी उद्योगों की वस्तुस्थिति सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के समक्ष पेश करेगा।
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नोटिस में सभी निगमों और उद्योगों को संबंधित प्रदेश के राज्य कार्यक्रम प्रबंधन समूह (एसपीएमजी) को सीधे कार्य योजनाएं पेश करने और उनकी एक प्रति एनएमसीजी को देने का निर्देश दिया गया है।
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इसके साथ ही सभी 118 नगर पालिकाओं और नगर निगमों को गंगा में प्रदूषण रोकने के लिए आवश्यक उपकरण लगाने, एसटीपी की संख्या बढ़ाने और इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) और कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) स्थापित करने की वास्तविक सीमा को बताने को कहा गया है।
इन 764 औद्योगिक यूनिटों में से सबसे अधिक 687 औद्योगिक यूनिटें उत्तर प्रदेश की हैं। प्रदेश में भी सर्वाधिक प्रदूषित उद्योग कानपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में हैं। इनमें कन्नौज, कानपुर, भदोही, इलाहाबाद, वाराणसी शहरों की औद्योगिक इकाइयों को नोटिस भेजा गया है।
प्रदूषण फैलाने वाली यूनिटों में उत्तर प्रदेश में टेनरी, चीनी, केमिकल, बिहार में ऑटो पार्ट्स, सिल्क, रंगाई और पश्चिम बंगाल में लेदर, केमिकल, फर्टिलाइजर से जुड़ी छोटी इकाइयां शामिल हैं।